जिले में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या बन चुकी है। गांव से लेकर नगरीय क्षेत्रों में मनमानी तरीके से कूड़े का उठान किया जाता है। नगर का कूड़ा करीब सात किमी दूर ट्रकों से कूड़ा ले जाया जाता है जो हवा से पूरे शहर में बिखरता है। आते जाते लोगों के ऊपर भी गिरता है। लेकिन इस लापरवाही की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता।
जिले के 1809 राजस्व गांवों में से 886 गांवों में दो चरणों में 59.70 करोड़ रुपये से कूड़ा निस्तारण केंद्र निर्माण व इससे संबंधित कार्यों के लिए जारी किया गया है। हालांकि अभी तक महज 90 गांवों में ही इसका निर्माण पूरा हो सका है। इसी तरह नगरीय क्षेत्राें में कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने के लिए शासन की ओर से धनराशि जारी की गई है। आलम यह है कि कूड़ा लदे ट्रक शहर के बीचोबीच होकर गुजरते हैं। इस दौरान हवा से कूड़े में शामिल प्लास्टिक व अन्य कचरा हवा से उड़कर सड़कों पर बिखरता है।
कूड़े को बंद वाहनों में ही ढोने का निर्देश दिया गया है। ट्रकों पर ले जाते समय उसे ढंक कर ले जाने को कहा गया है। इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।-आत्रेय मिश्र, एसडीएम व प्रभारी ईओ नगर पालिका।