बेल्थरारोड। तत्कालीन उप जिलाधिकारी अशोक चौधरी द्वारा गत 20 अगस्त को लॉकडाउन का पालन कराने को लेकर दुकानदारों व निरीह जनता पर लाठियां बरसाने के मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से आम जनमानस में रोष गहराने लगा है। हालांकि मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसडीएम को तत्काल निलंबित कर राजस्व परिषद से संबद्ध कर दिया गया, लेकिन एसडीएम और उनके हमराही होमगार्ड के जवानों के खिलाफ सिर्फ एनसीआर दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश के आरोप लग रहे हैं। जबकि एसडीएम के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करना चाहिए। क्योंकि एसडीएम ने खुद हाथ में लाठी लेकर अपने हमराही होमगार्डों के साथ तहसील परिसर व आसपास के क्षेत्रों में जमकर तांडव मचाया तथा चौकिया मोड़ पर दुकानदार और उसके भाई को दुकान से बाहर खींचकर लाठियों से ताबड़तोड़ प्रहार कर एसडीएम ने लहूलुहान कर दिया, जो अत्यंत शर्मनाक और लोकतांत्रिक मर्यादा के विपरीत है। एसडीएम व हमराही होमगार्ड के जवानों के खिलाफ एनसीआर दर्ज करने के बाद इस मामले में फिलहाल अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उभाव थानाध्यक्ष योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले में अग्रिम कार्यवाही के लिए न्यायालय से अनुमति ली जा रही है।