विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद हैं। स्वामी विवेकानंद का जीवन बहुत ही कठिन रहा है। संन्यास, वैराग्य को उन्होंने चुना और अपने लिए नहीं बल्कि देश और समाज के लिए काम करते रहे। इसलिए आज भी वह युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। विशिष्ट अतिथि शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष आनंद स्वरूप महाराज, पूर्व विधायक संजय यादव, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी, डॉ. देवेंद्रनाथ सिंह, छट्ठू राम, केशव चौधरी आदि ने संबोधित किया।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू और संचालन डॉक्टर विद्यासागर उपाध्याय ने किया। आयोजक विद्यार्थी परिषद के पूर्व संगठन मंत्री आकाश तिवारी ने अतिथियों को सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में सर्वोच्च अंक हासिल करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर जूनियर हाईस्कूल सिकंदरपुर में आयोजित विचार गोष्ठी में परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि भारत भ्रमण के दौरान यहां की गरीबी एवं दरिद्रता को देखकर स्वामीजी का हृदय द्रवित हो उठा था। उन्होंने ‘दरिद्र देवो भव’ का नारा दिया। धर्म का प्रथम कर्तव्य दरिद्र एवं दुखीजन की सेवा करना बताया।
स्वामीजी ने देश की समस्या दूर करने के लिए जातिगत नहीं राष्ट्रगत परिश्रम करने का आह्वान किया था। आज प्रधानमंत्री मोदी उसी सोच के साथ सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास के नारे के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली लाने का कार्य कर रहे हैं। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि स्वामीजी पुरोहितों के पाखंड को देश के विकास में बाधक मानते हुए कहा था कि अगले 50 वर्षों तक सभी देवी-देवताओं को भूलकर मात्र भारत माता की आराधना करो। इनकी उन्नति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दो।