बलिया/मनियर। सोमवार की भोर में पुलिस लाॅकअप से फरार हुए चोरी के आरोपी का 36 घंटे बाद भी मंगलवार की शाम तक सुराग लगाने में पुलिस नाकाम रही। उधर, थानाध्यक्ष रत्नेश दूबे का कहना कि आरोपी फरार नहीं हुआ था बल्कि उसे उसके परिवार वालों के हवाले कर दिया गया था। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने सोमवार को थाना व चौराहों पर लगे सीसी टीवी को खंगाला फिर उसके रिश्तेदारों के यहां पहुंचकर छानबीन की और आरोपी को हाजिर कराने के लिए दबाव बनाया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
सूत्रों का कहना है कि आरोपी के सोमवार की भोर में फरार होने से पहले रविवार की रात में पुलिस की जब दूसरी मोबाइल गश्त निकली तो दरोगा ने मोबाइल फोन से फरार आरोपी का वीडियो बनाया था और वापस आने के बाद कमरे में सो गए। लॉकअप से आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस अब होमगार्डस पर दोषारोपण कर रही है। सूत्रों का कहना है कि रात को थाना की पूरी जिम्मेदारी पहरे पर तैनात रहने वाले एक होमगार्ड के भरोसे छोड़कर सभी पुलिस कर्मी सो गए थे। इसका फायदा उठाकर चोरी का आरोपी भागने में सफल रहा। सोमवार की रात में अमर उजाला टीम की पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया कि बिना प्रशिक्षण प्राप्त किए होमगार्ड के जवानों को थाने में इंसास राइफल देकर पहरे पर तैनात कर दिया जाता है। पहरे पर तैनात होमगार्ड का जवान के अकेले ड्यूटी के दौरान पूरे थाने की कमान संभालते देखा गया। थाने के कार्यालय में मुंशी ड्यूटी के दौरान सोते हुए दिखाई दिए, जबकि उनकी ड्यूटी रात में जागने की है।