बलिया। नगर पालिका प्रशासन ने एक बार फिर से बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शहर में बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। उनको नोटिस भी जारी किया है। मगर शहर में इस तरह की कार्रवाई पहली बार नहीं हुई है। वर्ष 1998 से रिकॉर्ड देखा जाए तो मार्च करीब आते ही हर साल नोटिसबाजी होती है, लेकिन वसूली नहीं हो पाती।
शहर में गृहकर और जलकर जमा कराने के लिए नगर पालिका की ओर से सही कार्रवाई नहीं की जाती। नगर पालिका प्रशासन कभी-कभार ही बकायेदारों को सूचित करता है कि वह अपना टैक्स जमा कर दें। इसके बाद कुछ लोग तो टैक्स जमा कर देते हैं, लेकिन शेष बकायेदारों से वसूली के प्रयास भी नहीं किए जाते।
वित्तीय वर्ष के अंत में मार्च आने से पहले टैक्स जमा कराने के लिए नगर पालिका की ओर से नोटिस जारी किए जाते हैं। नोटिस जारी करने के बाद नगर पालिका प्रशासन वसूली भूल जाता है। यही वजह है कि शहर में अब बकायेदारों की सूची लंबी होती जा रही है। अब तक दस बड़े बकायेदारों के अलावा 99 लोगों को चिह्नित किया गया है, ये वह लोग हैं जिन्होंने वर्ष 1998 से टैक्स जमा नहीं किया है।
इन लोगों से 25 साल में नगर पालिका प्रशासन वसूली नहीं कर पाया। अब डीएम ने कर वसूली के लिए सख्ती दिखाई है तो नगरपालिका प्रशासन नोटिस जारी कर कार्रवाई करने में जुटा है। पालिका के ईओ लगातार इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
शहर में अब तक बकायेदारों की चिह्नित कर लिया गया है। उन्होंने वर्ष 1996 से गृह और जलकर जमा नहीं किया है। उनको आरसी जारी की गई है। इसके साथ ही अन्य बकायेदारों को भी चिह्नित किया जा रहा है। - अवधेश सिंह, टीएस, नगर पालिका परिषद, बलिया