बैरिया। जलजमाव वाले इलाकों में मच्छरों का आतंक सिर चढ़कर बोल रहा है। ग्राम पंचायतों व स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त बजट होने के बावजूद कहीं भी मच्छर से निजात दिलाने वाले कीटनाशकों का छिड़काव नहीं हो रहा है। ऐस में बुखारों के रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। शासन-प्रशासन सबकुछ जानने के बावजूद चुप्पी साधे हुए है। बैरिया तहसील क्षेत्र का दो तिहाई भाग पानी में डूबा हुआ है। ऐसे गांवों की संख्या तीन दर्जन से अधिक है जो बरसात व सीवेज के पानी से घिरे हुए हैं। सफाई कर्मियों की ओर से गावों के नालियों की सफाई नहीं की जाती है। इब्राहिमाबाद, छेड़ी, नारायणगढ़, श्रीनगर, देवपुर, अचलगढ़, चौबेछपरा, टोला नेकाराय सहित तीन दर्जन गांव अभी भी जलजमाव से प्रभावित हैं। ऐसे में मच्छर पैदा हो रहे हैं। जलनिकासी के लिए कई बार ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। सरकारी अस्पतालों में बुखार की दवा का भी अभाव है। उपजिलाधिकारी अभय कुमार सिंह ने कहा कि अगर लोग शिकायत करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।