बलिया जिले के नरही थाने के निलंबित थाना प्रभारी पन्नेलाल की गिरफ्तारी के बाद जांच टीम उसे लेकर रविवार की रात में ही नरही थाने लेकर आई। नरही ग्राम प्रधान और एक और की मौजूदगी में आवास का ताला स्वयं पन्नेलाल ने तोड़ा। मौजूद दोनों के अनुसार तलाशी में 500 रुपये के 129 नोट, 100 रुपये के 115 नोट, 50 रुपये के 112 नोट (कुल 81600 रुपए नकद), दो हजार का एक नोट, तीन मोबाइल, दो तनिष्क के सोने के सिक्के (एक लगभग 65 हजार का) बिल के साथ, दो घड़ी, दो मेमोरी कार्ड और एक डायरी बरामद की गई।
जांच टीम पन्नेलाल को लेकर रात साढ़े नौ बजे नरही थाने में पहुंची। इसके दो गवाहों को बुलाया गया। इसमें नरही ग्राम प्रधान रामनारायण पासवान तथा सामाजिक कार्यकर्ता अवनीश कुमार राय रहे। इनकी मौजूदगी में डीआईजी वैभव कृष्ण ने पन्नेलाल को उनके कमरे का ताला तोड़ने के लिए कहा।
ताला तोड़ने के बाद सहायक पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ शुभम अग्रवाल ने वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच रामनारायण पासवान और अवनीश कुमार राय से अपनी तलाशी करवाई। फिर एएसपी ने इन दोनों लोगों की तलाशी ली। इसके बाद आवास की गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
तलाशी के दौरान आवास में सिर्फ चार लोग ही मौजूद थे। इसमें वीडियोग्राफर भी था। ग्राम प्रधान और अवनीश कुमार राय रात को ढाई बजे वहां से घर के लिए निकले। पुलिस टीम थाने में ही लिखा पढ़ी कर रही थी।
अवनीश कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पन्नेलाल के चेहरे पर थोड़ी सी भी सिकन नहीं थी। अब सबकी निगाहें आवास से बरामद डायरी पर टिकी हैं। इससे कई राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस टीम में डीआईजी वैभव कृष्ण, सहायक पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ शुभम अग्रवाल और एसओजी आजमगढ़ की टीम शामिल रही।
क्या बोले अधिकारी
पन्नेलाल की गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार उनके आवास को खोला गया। कुछ रजिस्टर, कैश और अन्य सामान बरामद हुए हैं। पन्नेलाल और हेड कांस्टेबल विष्णु यादव दोनों को वाराणसी कोर्ट में पेश किया गया। वहां से 14 दिन की रिमांड पर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। -शुभम अग्रवाल, सहायक पुलिस अधीक्षक आजमगढ़