माता-पिता से बातचीत करते ओम प्रकाश राजभर
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प्रदेश की योगी सरकार 2.0 कैबिनेट मंत्री बनने के बाद सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को देर शाम पार्टी के मीरनगंज दिर्घजा गांव स्थित राष्ट्रीय कार्यालय पर आएं, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं से शिष्टाचार मुलाकात के उपरांत अपने आवास में जाकर माता जितना देवी, पिता सन्नू राजभर से मिले और चरण छूकर बड़े बेटे डॉ. अरविंद राजभर को सांसद बनाने के लिए आशीर्वाद मांगा।
इस दौरान मंत्री ओमप्रकाश ने कहा कि पिताजी आपने कहा था कि मेरा पौत्र सांसद बने तो आपकी बात सच साबित हो गई है और आपका बड़ा पौत्र सांसद बनने जा रहा है। इसे विजयी भवः का आशीर्वाद दिजिए...। मंत्री ने कहा कि एक सीट मिल गई है, दूसरे के लिए संघर्ष जारी है। इसके पूर्व मंत्री ने पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली और अपने छोटे बेटे अरुण राजभर को विधान परिषद सदस्य बनाने की सहमति ली।
अरविंद राजभर का चुनावी इतिहास
बता दें कि मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पत्नी तारामति देवी वर्ष 2012 में रसड़ा विधान सभा से सुभासपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी है, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा उनके बड़े पुत्र डॉ. अरविंद राजभर भी दोबारा विधायक बनने के लिए किस्मत आजमा चुकें है, जिसमें उन्हें असफलता हाथ लगी।
पहली बार उन्होंने भाजपा-सुभासपा के गठबंधन के तहत वर्ष 2017 में बांसडीह विधान सभा से सपा के कद्दावर नेता रामगोविंद चौधरी के खिलाफ चुनाव लड़ा और दूसरी बार सपा-सुभासपा के टिकट पर वाराणसी के शिवहर सीट से वर्ष 2022 में प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ा थाए जिसमें पराजय हाथ लगी थी। इस बार मोदी मैजिक के सहारे के घोसी लोकसभा क्षेत्र देश बड़ी पंचायत में पहुंचने की तैयारी में है।