गलन भरी ठंड से निजात पाने के लिए अलाव पर हाथ सेंकते लोग।
- फोटो : BALLIA
बलिया। नववर्ष के पहले दिन से ही जनपद में बिगड़े मौसम में अभी सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। हाड़कंपाऊ ठंड से पूरे दिन लोग जूझते रहे। हालांकि पांच दिन बाद सुबह धूप निकली लेकिन गलन अधिक होने के चलते धूप की तपिश न के बराबर रही। ऐसे में हाड़कंपाऊ ठंड से परेशान लोग अलाव का सहारा लेते दिखे।
उधर, लगातार बढ़ती ठंड के बीच गर्म कपड़ों की बिक्री में तेजी आ गई है। इससे गर्म कपड़ों के दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं। उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार ठंड का दौर जारी रहा तो गर्म कपड़ों की बिक्री और तेज हो जाएगी। शुक्रवार को भी गलन के चलते लगभग पूरे दिन समूचा जनपद ठंड से जूझता रहा।
हालांकि पांच दिन बाद शुक्रवार को हल्की धूप निकली लेकिन उसमें तपिश अधिक न होने से ठंड में कमी नहीं हुई। गलनभरी ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हुए। ठंड में कमी न होने के चलते ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी संबंधित बाजार में नहीं पहुंचे। इससे जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
महिला रैनबसेरे में जमीन पर लगा बिस्तर
सिकंदरपुर। कड़ाके की ठंड के बावजूद रैन बसेरा बदहाल पड़े हैं। रैन बसेरा में कोई अच्छी व्यवस्था नहीं की गई है। हाड़कंपाऊ ठंड से जनजीवन बदहाल है। वहीं, दूरदराज से आने वाले मुसाफिरों को भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। यह सब रैन बसेरे में उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हो रहा है।
आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर के ऊपरी मंजिल पर ठंड से बचने के लिए महिलाओं के लिए रैनबसेरा बना है। रैनबसेरे में बिस्तर जमीन बिछाया गया है। चारपाई की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में ठंड से बचाव नहीं होने के कारण कोई महिला वहा रुकना पसंद नहीं कर रही है। रैन बसेरा में कोई मौजूद नहीं मिला।