जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को वार्ड बॉय की पिटाई से आक्रोशित स्वास्थ्यकर्मियों ने चिकित्सकीय सेवा ठप कर दी। आरोपी पुलिस जवान पर कार्रवाई की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार कर सीएमएस कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। इमरजेंसी से भी कर्मचारी घंटों गायब रहे। पुलिस की तानाशाही के खिलाफ सभी संगठन व चिकित्सक लामबंद हो गए। बेहतर इलाज के लिए दूर दराज क्षेत्रों से आए मरीज घंटों इलाज के लिए भटकते रहे। वार्डों में भर्ती मरीज दर्द से तड़पते रहे। मरीजों की गुहार के बावजूद चिकित्सकों ने इलाज शुरू नहीं किया। कार्य बहिष्कार के कारण पर्ची काउंटर, ओपीडी, दवा वितरण काउंटर, पैथॉलोजी, एक्स-रे सहित अन्य कक्ष का ताला नहीं खुला। रैबिज इंजेक्शन तक नहीं लगाए गए। इसकी खबर लगने पर जिला प्रशासन में खलबली मच गई। सीओ सीटी एसएन वैभव, कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह ने सभी संगठन के पदाधिकारियों से मामले की जांच उपरांत कार्रवाई का आश्वासन दिया। 11.30 बजे के बाद ओपीडी सहित अन्य चिकित्सकीय सुविधा शुरू होने से मरीजों ने राहत ली।
जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में तैनात एक नर्सिंग स्टॉफ का मोबाइल व पर्स चोरी हो गया। नर्सिग स्टॉफ ने एक युवक पर चोरी का इल्जाम लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। अस्पताल चौकी में एक पुलिसकर्मी आरोपी युवक को पकड़ कर बुधवार की शाम को पूछताछ कर रहा था। उसी दौरान वार्ड बॉय ओमप्रकाश बीच-बचाव करने लगा। कहा कि अस्पताल में दलाली करता है। पुलिसकर्मी ने वार्ड बॉय को वहां से हटने को कहा। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई और पुलिसकर्मी ने फोन कर दो-तीन सिपाहियों को बुला लिया। सादे वेश में बाइक से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने ओमप्रकाश को बाइक पर बैठाकर कोतवाली लेते गए। वार्ड बॉय ने पुलिसकर्मियों पर रातभर पिटाई करने का आरोप लगाया। सुबह इसकी खबर लगते ही सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने हो हल्ला मचाते हुए सीएमएस कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर फार्मासिस्ट, चिकित्सक सहित अन्य सभी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरने में शामिल हो गए। पीड़ित ओमप्रकाश की शिकायत पर अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी।