नगरा। थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी के साथ घटी घटना की जानकारी लेने बुधवार की शाम पूर्व विधायक एवं सपा नेता राम इकबाल सिंह पीड़िता के घर पहुंचकर परिजनों से मिले तथा घटना के सम्बन्ध में जानकारी ली। पीड़िता के परिजनों से मिलने के बाद पूर्व विधायक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एसपी का बयान है कि प्रथम दृष्टया घटना में दुष्कर्म समझ नहीं आ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर आरोपी पीड़िता की हत्या क्यों करना चाहता था। आरोपी की पीड़िता से क्या दुश्मनी हो सकती है। कहा कि मैं किसी पर कोई आक्षेप नहीं लगा रहा हूं लेकिन न्याय की अपेक्षा जरूर करता हूं। पूर्व विधायक ने कहा कि प्रशासन को पांच या 11 चिकित्सकों का बोर्ड बनाकर बीएचयू मेडिकल कॉलेज में पीड़िता का मेडिकल लीगो कराना चाहिए ताकि आम लोगों को यह भरोसा हो सके कि घटना की सच्चाई क्या है।
दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण इस मानसिकता के लोगों का इस सरकार में भयमुक्त होना है। पीड़िता के उपचार के लिए चंदा इकट्ठा कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सपा नेता ने कहा कि प्रशासन के पास सच्चाई को दबाने के लिए दमन का ही रास्ता होता है। उन्होंने कहा कि आखिर सरकार पीड़िता को 10 लाख का मुआवजा क्यों नहीं दी। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु के इस कथन ‘घटना अकेले के बस की नहीं’ पर कहा कि दयालु बीएचयू के छात्र रहे हैं। हो सकता है मालवीय जी की आत्मा का असर हो।