बलिया/नरही। माघ महीने की मौनी अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा और सरयू के तट पर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद मंदिरों में पूजा अर्चना करते हुए पुरोहितों को दान दिया गया। दीपदान की परंपरा का निर्वहन भी किया गया। हालांकि इस बार कुछ घाटों पर श्रद्धालुओं की उपस्थिति कम देखी गई।
नरही क्षेत्र में ठंड और बेमौसम बारिश पर भी आस्था का जनसैलाब भारी दिखा। उजियार गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस हलकान रही। शनिवार को मौनी अमावस्या पर बक्सर के रामरेखा घाट एवं उजियार घाट गंगा तट पर दो दिन पहले ही बिहार के सीवान, दरभंगा, मोतिहारी, छपरा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर आदि जिलों सहित बलिया और गाजीपुर के श्रद्धालु टैक्टर-ट्राली, बोलेरो, पिकअप, जीप और लग्जरी गाड़ियों से गंगा तट पर जुटना शुरू कर दिए थे। रात में ही श्रद्धालु हर-हर गंगे बोलकर गंगा में डुबकी लगाना शुरू कर दिए। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा।
श्रद्धालु गंगा स्नान करने के बाद गंगा जल भी भरकर ले गए। सबसे ज्यादा भीड़ उजियार घाट पर रही। कोटवा नारायणपुर के नागा घाट तथा भरौली में भी श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। भारी वाहनों को भरौली गोलंबर के पास ही रोक दिया गया था। छोटे वाहनों की लाइन सड़क के दोनों बगल लग गई थी। कई बार वीर कुंवर सिंह सेतु पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई और जाम के झाम से भी जूझना पड़ा। नरहीं, चितबड़ागांव, फेफना थाना के अतिरिक्त दूसरे थानों के सैकड़ों पुलिस कर्मी घाटों पर डटे रहे।
सरयू किनारे भी लगी आस्था की डुबकी
बेल्थरारोड। मौनी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के विभिन्न तटों पर आस्था की डुबकी लगाई। स्नान, दान के बाद श्रद्धालु नर-नारियों ने विभिन्न मंदिरों में पूजन-अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मठिया गुलौरा, महुआतर, खैरा खास, तुर्तीपार, बेल्थरा बाजार, सहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर स्थित घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। तटीय क्षेत्रों में पहुंचने वाले मार्गों पर स्नानार्थियों की चहल-पहल रही।