बलिया। जनपद में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आगमन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से कई छात्र नेताओं व विपक्षी पार्टी के युवा नेताओं को घर पर नजरबंद रखा। इसको लेकर नेताओं में आक्रोश रहा। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में मंगलवार को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भाग लिया। कार्यक्रम में किसी तरह का अवरोध न हो इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी। कलेक्ट्रेट से लगाय बसंतपुर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान मुस्तैद रहे। बिना पास वाले लोगों या छात्रों का प्रवेश नहीं मिला। शहर के प्रमुख मार्गों का रूट डायवर्जन रहा। पुलिस ने राज्यपाल के आगमन के दौरान किसी तरह का विरोध प्रदर्शन न हो, इसको लेकर पुलिस ने रात में ही छात्र नेताओं व युवा नेताओं को घर पर नजरबंद कर दिया। शहर के टैगोर नगर स्थित सपा युवजन सभा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव व छात्रनेता धनंजय सिंह विसेन, रोहित चौबे सहित अन्य नेताओं को हाउस अरेस्ट रखा। पुलिस ने अन्य नेताओं पर नजर रखी।
शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष को हिरासत में लिया
बैरिया। बैरिया पुलिस ने प्राथमिक शिक्षामित्र संगठन के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह को राज्यपाल के कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाकर मंगलवार को थाने में बैठा दिया।
शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष का कहना है कि राज्यपाल के कार्यक्रम में बाधा उतपन्न करने का मेरा कोई मकसद नहीं था। न तो कोई ज्ञापन दिया गया था। पुलिस फर्जी आरोप लगाकर हिरासत में थाने ले आई और उत्पीड़न किया। सूचना पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष सुनील सिंह, अखिलेश पांडेय, भारत गुप्त,संजय कुमार, राजेश पांडे और अन्य थाने पहुंच गए। कोतवाल रामायण सिंह ने बताया कि इनपुट मिला था कि पंकज सिंह और उनका संगठन राज्यपाल के कार्यक्रम का विरोध करेंगे। इसलिए हिरासत में लिया गया है। एसपी से वार्ता के बाद पंकज सिंह के बारे में निर्णय लिया जाएगा।