बलिया/दुबहर। स्वाधीनता संग्राम के प्रथम सेनानी मंगल पांडेय के शहादत दिवस पर शनिवार को विभिन्न संस्थाओं को ओर से जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और श्रद्धांजलि दी गई। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कदम चौराहे पर तिरंगा फहराया और अमर शहीद मंगल पांडेय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जिलााधिकारी ने कहा कि यह मेरे लिए गौरव की बात है कि आज पुष्प चढ़ाने का अवसर मिल रहा है। इससे पहले वह सिर्फ पुस्तकों में ही उनके बारे में पढ़ा करते थे। आज उनके जनपद में जिलाधिकारी के रूप में आने पर गौरव महसूस हो रहा है। हमें उनके आदर्शों से शिक्षा लेनी चाहिए और अपने राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करना चाहिए। यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।
सरस्वती शिशु मंदिर, सनातन विद्या मंदिर के बच्चों ने प्रभातफेरी निकाली। इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए। प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, सपा जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पाण्डेय, अधिकार सेना के अमिताभ ठाकुर, नूतन ठाकुर, अनिल राय, सागर सिंह राहुल, यशपाल सिंह, डा. विश्राम यादव आदि ने श्रद्धांजलि दी।
मंगल पांडेय सोसाइटी की सर्वदलीय सभा में वासुदेवाचार्य विद्या भास्कर महाराज ने कहा कि भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर मंगल पांडेय अमर शहीद बने। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र के लिए समर्पित होते हैं, उन्हें सद्गति प्राप्त होती है। राष्ट्र की एकता अखंडता अति आवश्यक है। आज ही के दिन मंगल पांडेय को बैरकपुर छावनी में फांसी दी गई थी। उनकी शहादत से पूरे हिंदुस्तान को झकझोर कर रख दिया। इसका प्रतिफल 15 अगस्त 1947 को पूरे राष्ट्र को देखने को मिला।
शहीद मंगल पांडेय स्मारक सोसाइटी नगवा के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने सभी अतिथियों को सम्मानित किया। चंद्रकुमार पाठक, अनमोल पाठक, विमल पाठक, लल्लन पांडेय, शांति यादव, धीरेंद्र शुक्ला, कीर्ति पांडेय, अरुणेश पाठक, विशंभर चौबे, पुरुषोत्तम पाठक, हरिशंकर पाठक थे। नगवा स्थित स्मारक परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा के फूल चढ़ाने के बाद मंगल पांडेय विचार मंच के अध्यक्ष कृष्णकांत पाठक ने विचार रखे।
शहीद मंगल पांडेय पर आधारित गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रीप्रकाश पांडेय मुन्ना ने कहा कि मंगल पांडेय की गोली ब्रिटिश हुकूमत के ताबूत की पहली कील थी। इसकी बदौलत हम आज आजाद हुए। संतोष कुमार पांडेय ने कहा कि अमर शहीद मंगल पांडेय के नाम पर इनके गृह जनपद में एम्स के स्तर का मेडिकल कालेज, रिसर्च सेंटर, अस्पताल होना चाहिए एवं उप्र को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।