बलिया। खेजुरी में वर्ष 2019 में हुई हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया।
वादी मुकदमा शिवमंगल यादव पुत्र स्व. ब्रह्मदेव यादव ग्राम जिगिड़सर थाना खेजुरी ने अपनी लड़की बिंदू की शादी 2015 में संग्राम यादव पुत्र धर्मचंद यादव निवासी ग्राम फूलपुर सहुलाई थाना पकड़ी के साथ की थी। शादी में मिले सामान से उसके दामाद संग्राम यादव तथा समधी धर्मचंद यादव, भसुर सतेंदर यादव, जेठानी पुष्पा देवी, शारदा देवी के दामाद के चाचा धनीराम यादव की पत्नी पार्वती देवी, शत्रुघ्न यादव संतुष्ट नहीं थे। इसके लिए बिंदू को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। वह मोटरसाइकिल और दो लाख रुपये की मांग करते थे। इस संबंध में कई बार पंचायत भी हुई।
28 मार्च 2019 को अमरनाथ, रामायण यादव, कृपाशंकर ने पंचायत की थी। भसुर सत्येंद्र यादव ने पंचायत में धमकी दी थी कि दहेज नहीं दोगे तो अंजाम बुरा होगा। आरोप था कि 30 मार्च 2019 को आरोपियों ने पुत्री पर मिट्टी का तेल छिड़ककर और नींद की दवा खिलाकर सोते समय जला दिया। जबकि बिंदु उस समय गर्भवती थी और उसकी दो वर्ष की बेटी थी। उसे सिकंदरपुर सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया, वहां से बीएचयू ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसका थाना पकड़ी में मुकदमा दर्ज हुआ। अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत सभी साक्ष्यों को अदालत ने देखा। अभियोजन की तरफ से संजीव कुमार सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी और बचाव पक्ष की तरफ से जेपी सिंह अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने पांच आरोपियों के खिलाफ दोष सही पाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार पांडेय की अदालत ने संग्राम यादव, सत्येंद्र यादव, धनीराम, शारदा देवी तथा पुष्पा देवी को आजीवन कारावास और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। सुनवाई के दौरान ससुर धर्मचंद यादव को दोषमुक्त किया गया।