बलिया। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत की अदालत ने नाबालिग के साथ छेड़खानी और चाकू से चेहरे पर वार करने के मामले में यशवंत सिंह उर्फ टुना पुत्र मुक्तेश्वर सिंह निवासी रोहुआ थाना बांसडीह रोड को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15000 के अर्थ दंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने की दशा में छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की धनराशि से 10000 पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी।
वादी मुकदमा ने एक लिखित प्रार्थना पत्र थाना बांसडीरोड पर दिया था। 12 जुलाई /2021 को वादी की पुत्री घर पर अकेली थी। यशवंत सिंह उर्फ टुना पुत्र मुक्तेश्वर सिंह घर में घुसकर पीड़िता से छेड़खानी करने लगा। पीड़िता ने विरोध किया तो यशवंत सिंह ने ने चाकू से उसके चेहरे पर कई वार कर घायल कर दिया। थाना बांसडीह रोड पर मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने दौरान विवेचना अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्ष्य व सबूतों का सम्यक परिशीलन और अभियोजन के तरफ से विमल कुमार राय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रेम शंकर वर्मा न्याय मित्र की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ आरोप दोष सिद्ध पाया। आजीवन कारावास की सजा सुनाई।