बलिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सप्तम की अदालत ने दहेज के लिए उत्पीड़न कर हत्या करने के मामले में अभियुक्त पति व सास के खिलाफ दोष साबित पाते हुए पति को दहेज हत्या के मामले में आजीवन कारावास और सास को 7 वर्ष के कारावास व उत्पीड़न के मामले में दोनों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और 5000 के अर्थ दंड से दंडित किया।
दहेज मांगने के मामले में 2 वर्ष के कारावास और 5000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने करने पर दोनों को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामला यह है कि वादी मुकदमा श्रीकृष्ण चौधरी निवासी ताजपुर खुर्द थाना दिलदारनगर जिला गाजीपुर ने अपनी बेटी रानी देवी की शादी अभियुक्त जयराम चौधरी पुत्र स्व. जयशंकर चौधरी निवासी सराय कोटा कालीघाट नरही से 26 अप्रैल 2021 को की थी।
अभियुक्त जयराम चौधरी और उसकी सास सांझा देवी उसकी पुत्री से दहेज की मांग करने लगे और परेशान करने लगे। इसकी सूचना उसकी पुत्री ने उसको दी थी। रानी देवी को उसके पिता ने अपने क्षमता के अनुसार दहेज दिए थे। उसके बावजूद भी अभियुक्त रानी देवी से और उसके घर वालों के दहेज की मांग करते थे। अभियुक्त जयराम चौधरी और उसकी माता सांझा देवी पुत्री को मारते पीटते थे। 20 अप्रैल 2022 को गला दबाकर हत्या कर दी। नरही में मुकदमा दर्ज हुआ था।
अभियुक्त जयराम चौधरी और सांझा देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में विवेचक ने प्रेषित किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों को देखने और संजीव कुमार सिंह जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने सास व पति के खिलाफ दोष सिद्ध पाते हुए उक्त सजा सुनाई गई।