न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश गोविंद मोहन की अदालत ने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास और कुल 60 हजार के अर्थदंड से प्रत्येक को दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा ने थाना खेजुरी में मुकदमा दर्ज कराया था कि 25 फरवरी 2015 को समय करीब 8 बजे शाम को मेरी पुत्री शौच करने जा रही थी, जिसकी उम्र उस समय लगभग 14 वर्ष थी। आरोपी अमित, जितेंद्र, लालू, राजेश ने मेरी लड़की के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाबत थाना खेजुरी पर उपरोक्त चारों अभियुक्त गण के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में चारों आरोपियेें के खिलाफ प्रेषित किया। न्यायालय ने मामले का विचारण कर व अभियोजन से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का समयक परशीलन और अवलोकन करने के बाद आरोपियों के खिलाफ दोष पाया और सजा सुनाई।