बेल्थरारोड। स्वामी विवेकानंद शिक्षण संस्थान के प्रबंधक टीएन मिश्रा ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व आला अधिकारियों को पत्र भेजा। पत्र में वैश्विक कोरोना महामारी के चलते अभिभावकों, स्ववित्तपोषित विद्यालय के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों की दयनीय स्थिति का उल्लेख करते हुए यूपी बोर्ड परीक्षा शुल्क माफ करने की मांग की। पत्र में उल्लेख है कि गत वर्ष कक्षा 9 व 11 के छात्रों का रजिस्ट्रेशन शुल्क 20 से बढ़ाकर 50 रुपया कर दिया गया। इसके साथ ही हाईस्कूल का परीक्षा शुल्क प्रति छात्र 80.75 से बढ़ाकर 500.75 रु तथा इंटरमीडिएट का 90.75 से बढ़ाकर प्रति छात्र 600.75 कर दिया गया। उस समय परिस्थितियां सामान्य थी। इसलिए बढ़ी शुल्क को छात्रों ने स्वेच्छापूर्वक विद्यालय पर जमा कर दिया। पत्र के अनुसार एक ओर सरकार निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाकर जन भावनाओं पर कुठाराघात किया जा रहा है। कोरोना काल के चाल से सभी लोग अपने घरों में कैद हैं। सभी को अपनी जान के लाले पड़े हुए हैं। स्कूल बंद है। इसके बावजूद हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि पांच अगस्त 2020 तक निर्धारित करना न्यायोचित नहीं है। अभिभावकों के समक्ष शुल्क जमा करने की विकट समस्या है। उन्होंने परीक्षा शुल्क माफ और अन्य शुल्क जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग की, ताकि छात्रों को सुविधा हो सके।