बलिया। जिले के 19 गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़ा संयंत्र स्थापित करने के लिए शासन की ओर से धन उपलब्ध करा दिया गया है। इन गांवों में संयंत्र स्थापित करने के लिए पंचायती राज विभाग में कवायद तेज कर दी है। जमीनों को चिह्नित करने का काम शुरू किया गया है। इस कार्य के लिए कुल 13.06 करोड़ स्वीकृत है।
इस वर्ष जिले में ओडीएफ प्लस के तहत गांवों को साफ-सुथरा बनाने की योजना मूर्त रूप लेने लगी है। ओडीएफ प्लस गांव यानी कि ऐसा गांव जहां खुले में शौच पर पूर्ण पाबंदी हो और ग्राम पंचायत में कम से कम एक सामुदायिक शौचालय हो। इसके अलावा, गांव के सभी घरों के साथ-साथ प्राथमिक विद्यालय, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में शौचालय की सुविधा होना जरूरी है। ओडीएफ प्लस गांव में प्लास्टिक कलेक्शन सेंटर बनने के साथ ही सामुदायिक बायो गैस प्लांट होना भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों और कम से कम 80 फीसदी घरों में अपने ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन के साथ ही सामूहिक जगहों पर जैविक या अजैविक कूड़ा या नाले में पानी इकट्ठा न हो। ओडीएफ प्लस योजना चरणवार संचालित की जाएगी।
जिले में पहले चरण के तहत 19 गांवों को ओडीएफ प्लस के लिए करीब एक माह पहले पंचायती राज विभाग की ओर से प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन की ओर से इन 19 गांवों के लिए कुल 13 करोड़ 6 लाख 86 हजार 229 रुपये की मंजूरी मिल चुकी है। अब विभाग ने इसे धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि इन गांवों में जमीनों को चिह्नित करने का काम शुरू किया गया है, जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
कार्ययोजना में शामिल हैं चार विभागों का अंशदान
इस परियोजना में चार मदों से धनराशि खर्च की जाएगी। 19 गांवों के लिए कुल 13 करोड़ छह लाख 862 हजार 229 रुपये की मंजूरी है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन का अंशदान आठ करोड़ 60 लाख 63 हजार 707, 15वें वित्त का अंशदान 3 करोड़ 66 लाख 49 हजार 222, मनरेगा का अंशदान 78 लाख 8300 और कृषि विभाग का अंशदान एक लाख 65 हजार निर्धारित किया गया है।
इन 19 गांवों में लगेंगे संयंत्र
मुरलीछपरा ब्लॉक के इब्राहिमाबाद उपरवार व कोड़हरा नौबरार, बेरूआरबारी के सुखपुरा व वांसेराम, बैरिया के कोटवां, बेलहरी के हल्दी व बेलहरी, दुबहड़ के अखार, नगवा, घोड़हरा व जनाड़ी, सीयर के तुर्तीपार व फरसाटार तथा चिलकहर ब्लॉक के सिकरिया कला, ममरेजपुर, कुरेजी, अम्तहापुर, हसनपुर व पाह कुरेजी।
19 गांवों की कार्ययोजना को शासन ने मंजूरी दे दी है। इन संयंत्रों को स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। गांवों में जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है। - शैलेश कुमार ओझा, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया।