बलिया। सिकंदरपुर क्षेत्र में पशु आश्रय स्थल का निर्माण अभी भी अधर में लटका हुआ है। जबकि महीनों पहले शासन ने 1.62 करोड़ की धनराशि उपलब्ध करा दी। बताया जाता है कि अभी तक जमीन नहीं मिलने के कारण यह कार्य अटका हुआ है।
जिले में छुट्टे पशुओं को संरक्षित करने की कवायद वर्ष 2019 से ही चल रही है। शुरुआत में अस्थायी केंद्र खोलकर उसमें छुट्टे मवेशियों को रखा जाने लगा। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद व नगरीय इलाकों में कान्हा पशु आश्रय स्थल निर्माण को लेकर शासन ने समय-समय पर स्वीकृति दी। जिले में तीन वृहद पशु आश्रय स्थल व एक कान्हा पशु आश्रय स्थल हैं। हालांकि इसके अलावा छुट्टे पशुओं को संरक्षित करने के लिए जिले में 26 अस्थाई पशु आश्रय स्थल भी बनाए हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के 16 ब्लॉकों में एक-एक व नगर पालिका व आठ नगर पंचायतों में कुल एक-एक हैं। सीवीओ डाॅ. एसके मिश्र ने बताया कि सिकंदरपुर नगर पंचायत क्षेत्र में पशु आश्रय स्थल निर्माण के लिए धनराशि आई है। कड़सर में जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन उसका क्षेत्रफल डेढ़ एकड़ ही रहा लिहाजा अधिक रकबा के जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरु करा दिया जाएगा।