बलिया। जिले के दुधारू पशुओं में लंपी वायरस ने पांव पसारना शुरु दिया है। हालांकि पशुपालन विभाग इसको लेकर अलर्ट है और संक्रमित गायों को आइसोलेट करने के अलावा टीकाकरण पर जोर दे रहा है। खासकर प्रांतीय सीमावर्ती इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लंपी एक त्वचा रोग है, जो वायरस से फैलता है और गाय-भैंसों में प्रमुखता से असर करता है। यह विषाणु जनित संक्रामक बीमारी भी है। इसलिए बेहद खतरनाक होने के साथ इलाज में समय लेती है।
भीमपुरा
क्षेत्र के बरवा रत्ती पट्टी गांव में सोमवार को कुछ पशुओं में लंपी रोग का लक्षण दिखाई दिया। जिसके बाद पशुपालकों में हड़कंप मच गया। गांव के पशुपालक राजू सिंह ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही कसौंडर पशु चिकित्साधिकारी सहित अन्य कर्मियों की टीम तुरंत गांव में पहुंची और टीकाकरण व बचाव का कार्य शुरू हो गया। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा समय से टीकाकरण नहीं कराया जाता है जिससे पशु समय रहते काल के गाल में समा जाते हैं। भीमपुरा के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि लंपी एक त्वचा रोग है, जो वायरस से फैलता है और गाय-भैंसों में प्रमुखता से असर करता है। यह विषाणु जनित संक्रामक बीमारी भी है। अगर कोई पशु लंपी वायरस से संक्रमित हो जाए तो उसके शरीर पर परजीवी कीट, किलनी, मच्छर, मक्खियों और दूषित जल, दूषित भोजन और लार के संपर्क में आने से यह रोग अन्य पशुओं में भी फैल सकता है। इसके बचाव के लिए पशुओं को गोट वैक्सीन के टीके लगाए जाते हैं। पशु चिकित्साधिकारी कसौंडर ऋषिकेश कुमार ने बताया कि विभाग लंपी वायरस बीमारी को लेकर मुस्तैद और सतर्क है। गांवों में टीकाकरण चल रहा है। संक्रमित पशुओं का इलाज और लोगों को आवश्यक जानकारी देने का हर संभव प्रयास हो रहा है।
इंदरपुर में पशुओं में तेजी से फैल रहे लंपी स्कीन डिजीज को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। इस रोग से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर टीकाकरण का कार्य शुरु किया गया है। ताखा व नगरा क्षेत्र में अब तक 28 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। नगरा के पशुचिकित्साधिकारी डा. बीएन पाठक ने बताया कि 94 ग्राम पंचायतों में से 24 ग्राम पंचायतों में टीकाकरण का कार्य हो चुका है। इसके लिए चार टीमें कार्य कर रही हैं। उन्होंने पशुपालकों को आगाह किया कि यदि किसी गोवंश में लंपी बीमारी के लक्षण दिखे तो उन्हें अलग बाधें। उनके लिये चारा, दाना, पानी की व्यवस्था भी अलग हो। पशु चिकित्सालय ताखा के पशुचिकित्साधिकारी डाॅ. संजय सिंह ने बताया कि क्षेत्र में टीकाकरण का कार्य चल रहा है। 18 ग्राम पंचायतों में से चार में टीकाकरण का कार्य पूरा हो चुका है।