बलिया। परिषदीय स्कूलों को कायाकल्प के जरिए आकर्षित बनाने के बाद परिसर में पड़ी खाली भूमि पर किचन गार्डेन तैयार किया जाएगा। चयनित स्कूलों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये अंतरित करते हुए गार्डेन स्थापना व रख-रखाव पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने संचालित 2249 परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूल में खाली पड़ी भूमि पर न्यूट्रिशन गार्डेन (किचन गार्डन) तैयार करने की योजना बनाई है। मध्याह्न भोजन के तहत पहले चरण में किचन गार्डन के लिए दो सौ प्राथमिक स्कूल चिह्नित किए गए हैं। चिह्नित स्कूल के खाते में पांच हजार रुपये आवंटित करते हुए स्कूल परिसर में खाली पड़ी भूमि पर किचन गार्डेन तैयार करते हुए स्थापना व रख-रखाव पर खर्च करने को कहा गया है। किचन गार्डन से विद्यार्थियों में क्यारी बनाकर हरी सब्जियां, फल व फूल बोने और उगाने के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
इतना ही नहीं स्कूल में किचन गार्डन तैयार होने से बच्चों को मौसमी सब्जियों की उपयोगिता व उसमें पाए जाने वाले पोषण तत्वों की जानकारी भी होगी। जानकारी होने के बाद बच्चे घर में भी क्यारी के माध्यम से हरी सब्जियां, फल व फूल का उत्पादन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त बच्चों में साथ रहकर कार्य करने की भावना का भी विकास होगा।
किचन गार्डेन में होंगे यह कार्य
जिला समन्वयक एमडीएम अजीत पाठक ने बताया कि किचन गार्डन तैयार करने व सुरक्षित रखने के लिए पौधे गमले में लगाने के साथ खाली पड़ी भूमि पर क्यारी बनाकर लगाए जाएंगे। जायद सीजन में भिंडी, पालक, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, बैगन, चुकंदर, शलजम, गाजर व मूली तो खरीफ सीजन में भिंडी, बैगन, करेला, लोबिया, तुरई, कद्दू, लौकी, प्याज व सेम की खेती की जाएगी। इसी तरह रबी के सीजन में टमाटर, मटर, मिर्च फूलगोभी, पत्तागोभी, पालक, सरसों, मेथी, सोगा, धनिया, शिमला, बैंगन, प्याज, लहसून, गाजर व मूली का उत्पादन किया जाएगा।
अनुश्रवण व सुरक्षा की होगी व्यवस्था
स्कूलों में किचन गार्डन तैयार कर बच्चों को भोजन में हरी सब्जी सेवन के प्रति जागरूक किया जाएगा। किचन गार्डन को नियमित निगरानी नोडल अफसरों से कराई जाएगी। स्कूल में हरी पोषक युक्त सब्जियों का उत्पादन करने के साथ ही परिसर को फलों के उत्पादन से आकर्षित करने का निर्देश दिया गया है।
- मनिराम सिंह, बीएसए