बलिया। कोतवाली पुलिस ने 26 नवंबर को अपहृत किए गए नवजात को बुधवार को सिकंदरपुर से बरामद किया। इस दौरान अपहरण के मामले में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। बृहस्पतिवार को सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के बहेरी निवासी राजा खां ने आठ दिसंबर को दी तहरीर में बताया था कि 26 नवंबर को पड़ोसन मनीषा रावत घर आई। उसने पत्नी से 20 नवंबर को पैदा हुए बच्चे को टीका लगाने के लिए मांगा। साथ ही दूसरे बच्चे को भी लाने को कहा। पत्नी दूसरे बच्चे को लाने गई तो मनीषा पहले से लिए गए नवजात को संजू गहलौत नाम की महिला को दे दिया। पत्नी के पूछने पर बच्चों को की तबीयत खराब होने पर अस्पताल भेजने की बात कही। कहा कि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया है। इस बारे में किसी से कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पत्नी ने डर कर किसी को कुछ नहीं बताया। उधर, संजू गहलौत ने बच्चे को राजलक्ष्मी नामक महिला को दे दिया। चार-पांच दिन बाद बच्चा नहीं मिला शहर कोतवाली के बहेरी निवासी मनीषा रावत व संजू गहलौत, गड़वार के बहादपुरकारी निवासी राजलक्ष्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने बहेरी निवासी मनीषा रावत को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर संजू गहलौत, गड़वार के बहादपुर कारी निवासी राजलक्ष्मी और सिकंदरपुर निवासी जमुई देवी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अपहृत बच्चे को बरामद कर माता-पिता को सौंप दिया।