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खुला जेल का फाटक, लगे आजादी के नारे

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बलिया बलिदान दिवस पर जिला कारागार से बाहर निकालते सेनानियों के परिजन। - फोटो : BALLIA
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बलिया। बलिदान दिवस पर एक बार फिर 1942 के आंदोलन का यादें ताजी हुईं। समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकाप्टर से उतरने के बाद सीधे जिला कारागार पहुंचे।
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इस दौरान जेल का फाटक खुला और आजादी के नारे लगाते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके आश्रित बाहर निकले। मुख्यमंत्री ने सभी का माला पहना कर स्वागत किया। इसके बाद, अमर शहीद राजकुमार बाघ की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, विधायक केतकी सिंह, जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, डीएम सौम्या अग्रवाल व एसपी राजकरन नय्यर आदि मौजूद रहे।
इन सेनानियों और आश्रितों का हुआ स्वागत
बलिया। जिला कारागार से बाहर निकलने के बाद मुख्यमंत्री ने सीसोटार निवासी शहीद राजकुमार बाघ के पुत्र वंशीधर पासवान और प्रेमनाथ, रट्टूचक के निवासी चित्तू पांडेय के परिजन जैनेंद्र कुमार पांडेय, हरीश पांडेय, विनीत पांडेय, विनय पांडेय, नवीन पांडेय, खोड़ीपाकड़ निवासी शहीद दुखी कोईरी के परिजन दौलत देवी, शिवप्रसाद के परिजन राम स्नेही, भरतपुरा के शिवमंगल राम के परिजन जगनाथ राजभर, राधिका के परिजन शशिभूषण दूबे, चमन सिंह बाग रोड के शहीद सतेदार संत प्रसाद सिंह ने परिजन मंजू देवी, चितबड़ागांव के शहीद वृंदा तिवारी के परिजन संजय उपाध्याय, रेवती के रामपूजन तिवारी के परिजन प्रभावती देवी आदि को माला पहनाकर स्वागत किया।

बलिया बलिदान दिवस पर जिला कारागार से जुलूस निकालते सेनानी रामविचार पांडेय साथ में अन्य।- फोटो : BALLIA

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