बलिया। जल निगम नगरीय के स्टोर से सामान को बाजारों में बेचे जाने की शिकायत पर अधिकारियों की टीम ने जांच शुरू कर दी है। विभाग के तीन स्टोरों को टीम की ओर से पहले ही सील किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार कई अभिलेखों को कब्जे में लेकर पड़ताल की जा रही है। विभाग के अधिशासी अभियंता से अन्य अभिलेख मांगे गए हैं। इसको लेकर विभाग में अफरातफरी है।
मुड़ियारी निवासी मनीष गुप्ता करीब दो माह पहले जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि जल निगम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। शिकायती पत्र में उल्लेख किया था कि जल निगम नगरीय के अधिशासी अभियंता ने विभाग की ग्रामीण शाखा को कार्यभार हस्तांतरण के नाम पर स्टोर से कीमती सामानों को विक्रय करने का काम किया है। इससे सरकार का काफी नुकसान हुआ है।
तत्कालीन जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच अधिकारियों की कमेटी से कराने का निर्देश सीडीओ को दिया था। सीडीओ प्रवीण वर्मा ने इस प्रकरण की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच करने का निर्देश दिया। टीम में लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता श्याम सुंदर यादव, जिला पंचायत के वित्त एवं लेखाधिकारी हिमांचल यादव व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता प्रवीण बरनवाल हैं।
टीम ने जांच शुरु की और जल निगम नगरीय के तीन स्टोर को सील करते हुए कई अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। अब अधिकारियों की टीम अभिलेखों की पड़ताल में जुट गई है। टीम यह पता करने में जुटी है कि जल निगम के बंटवारा के पूर्व की स्थिति क्या थी और उस समय स्टोर में कौन-कौन से सामान थे। जिसे ग्रामीण शाखा को हस्तांतरित किए गए हैं। उधर, टीम ने जल निगम के अधिशासी अभियंता नगरीय से अन्य दस्तावेजों की भी मांग की है।
जल निगम नगरीय के स्टोर से सामान के विक्रय होने की शिकायत है। मामले की जांच चल रही है। कुछ अभिलेख कब्जे में लिए गए है और अन्य अभिलेखों की मांग की गई है। - राजित राम मिश्र, डीडीओ, बलिया