जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने दो अलग-अलग ब्लॉकों के दो गांव के सचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश संबंधित एडीओ पंचायत को दिया है। यह सचिव पिछले तीन वर्ष बीतने के बाद भी संबंधित ग्राम पंचायत की जांच को लेकर अभिलेख उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इसके चलते इन गांवों की जांच अधर में लटकी हुई है। इतना ही नहीं एक सचिव ने तो स्थानांतरण के बाद भी नवनियुक्त सचिव को भी बतौर कार्यभार पूरा अभिलेख नहीं सौंपा है।
डीपीआरओ ने बेरुआरबारी ब्लॉक के एडीओ पंचायत को जारी निर्देश में उल्लेख किया है कि आदर गांव निवासी विजय सिंह पुत्र बब्बन सिंह की शिकायत पर जिलाधिकारी की ओर से सितंबर 18 में जांच प्रक्रिया शुरु की गई। सचिव को जांच से संबंधित अभिलेख जांच समिति के अध्यक्ष को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया। कार्यालय की ओर से जनवरी 19, जून 19, जनवरी 20, जनवरी 21, मार्च 22 में पत्र जारी कर अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। लेकिन तीन वर्ष से ज्यादा होने के बाद भी सचिव द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया जिससे जांच की कार्रवाई पूरी नहीं हो पा रही है। सडीपीआरओ ने ग्राम पंचायत के सचिव गिरीश कुमार पांडेय ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए प्राथमिकी की प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।
उधर, डीपीआरओ ने चिलकहर ब्लॉक के एडीओ पंचायत को जारी निर्देश में उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत वीरपुर निवासी चंद्रभान कुमार यादव पुत्र शेषनाथ यादव की शिकायत के क्रम में जिलाधिकारी की ओर से जुलाई 19 में जांच की कार्रवाई शुरू की गई। इस क्रम में सचिव को जांच से संबंधित अभिलेख जांच समिति के अध्यक्ष को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया था। उप कृषि निदेशक कार्यालय की ओर से सचिव को अभिलेख जांच अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। लेकिन तीन वर्ष बाद भी सचिव द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसपर डीपीआरओ ने तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव पंकज कुमार गोंड ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।