रेवती पुलिस मंगलवार को उस समय हलकान हो गई जब पुलिस को 45 हजार रुपये के लूट की सूचना मिली। लूट की खबर मिलते ही पुलिस सक्रिय होकर सीएचसी रेवती में उपचार करा रहे आरोप कर्ता से लेकर दयाछपरा टांड़ी तक पुलिस की अलग अलग टीमें पहुंच गयी। पुलिस द्वारा जांच के बाद लूट की सूचना गलत निकली। मामला मारपीट का बताया गया।
बैरिया थाना क्षेत्र के दयाछपरा टांड़ी निवासी वकील कुमार यादव ने डायल 112 को सूचना दिया था कि मेरा 45 हजार रुपये बदमाशों ने मारपीट कर लूट लिया है। वकील का आरोप था कि मैं अपने गांव के निवासी पशुपति यादव के साथ उसकी ही बाइक से रेवती स्थित भटवलिया निवासी अपने जीजा रमेश यादव के यहां अपने छत की ढलाई करवाने के लिए पैसा लेने आया था। भटवलिया से 45 हजार रुपये लेकर मैं साथी बाइक चालक के साथ अपने गांव के लिए मंगलवार की सुबह रवाना हुआ। जब हम लोग मूनछपरा से आगे बढ़े तो पशुपति ने बाइक रोक दिया और मेरे गले में गमछा लगा कर खींच कर गिरा दिया। इसी बीच दो बाइकों पर चार अन्य लोग पहुंच गए। सब ने मुझे मारा पीटा तथा मेरे पास का 45 हजार रुपये लेकर भाग गए।
सीओ बैरिया अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि लूट की सूचना गलत थी। मामला सिर्फ मारपीट का था। जिसमें मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। सीओ बैरिया ने बताया कि लूट की सूचना देने वाले वकील यादव ने लिखित दिया है कि बाइक की चाभी को लेकर पशुपति यादव ने उसे मारा था। बताया कि वकील यादव तथा उसके जीजा रमेश यादव एवं पशुपति यादव से अलग-अलग पूछताछ करने पर पता चला कि मामला सिर्फ मारपीट का है।