बलिया। हम सबका प्रयास हो कि अधिक से अधिक प्रसव सरकारी अस्पतालों में हो ताकि सुरक्षित प्रसव के साथ सरकारी योजनाओं का लाभ प्रसूताओं को मिल सके। सरकारी अस्पताल में ट्रेंड डॉक्टर और नर्स हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएं। आशा बहू और एएनएम इसका ख्याल रखें।
ध्यान रहे कि प्राइवेट अस्पताल में मरीज ले जाने वाली कुछ आशा और एएनएम जेल में हैं। इसलिए आगे ऐसा करने की हिम्मत कोई नहीं करे। अगर आपके क्षेत्र में कोई अवैध सेंटर का संचालन होता मिले को इसकी गोपनीय सूचना देकर कार्रवाई भी कराएं।
उक्त बातें जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कहीं। इसमें स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। टीकाकरण व सरकारी अस्पतालों में प्रसव की प्रगति बढ़ाने पर जिलाधिकारी का विशेष फोकस रहा। जहां प्रगति खराब मिली, वहां की जिम्मेदार आशा बहु, एएनएम अथवा बीसीपीएम को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सीएचसी, पीएचसी और उपकेंद्रों पर एकाध या लगभग न के बराबर डिलीवरी होने पर एएनएम व आशा बहुओं से पूछताछ की गई। कई आशा ऐसी थीं, जो काम करने में सक्षम नहीं दिख रही थीं। ऐसी आशा को हटाकर दूसरी आशा का चयन करने के निर्देश दिए। आशा बहुओं को भी चेतावनी दी कि अगर इस कल्याणकारी योजना का लाभ देने से संबंधित कार्य में लापरवाही जारी रही तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।