सिकंदरपुर। घाघरा नदी में जल स्तर बढ़ने क्रम लगातार जारी है। सोमवार की भोर में घाघरा के जलस्तर में अचानक 15 सेमी की वृद्धि होने से पीपा पुल का उत्तरी नाका पूरी तरह जलमग्न हो गया। इससे बिहार आने जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि विभाग द्वारा स्थिति को देखते हुए उत्तरी नाके से आवागमन रोकने की कोशिश की गई, लेकिन फिर भी लोग आते जाते रहे। पानी बढ़ाने की वजह से उत्तरी नाके पर लोहे की चादरों से बनाया गया मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गया। बावजूद दोपहिया और चार पहिया वाहन आते जाते रहे। बाद में विभागीय सख्ती के बाद लोगों ने दक्षिणी नाके से आवागमन शुरू कर दिया। इससे यह भी जर्जर अवस्था में पहुंच गया। अंतत: खतरे को देखते हुए अवर अभियंता शैलेंद्र कुमार के निर्देश पर दक्षिणी नाके को बंद कर आवागमन को रोक दिया गया। उधर सरयू के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से इलाकाई सकते में हैं। लोगों का कहना है कि दो दिनों के अंदर जलस्तर में लगभग 23 सेमी की वृद्धि हो गई है। जबकि ऐसा होता नहीं है। जलस्तर में वृद्धि जून के बाद ही नजर आती है, लेकिन सम्भवत: पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से शायद ऐसा हुआ है। इस बाबत जेई शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सुबह चार बजे से अब तक करीब 15 सेमी का बढ़ाव दर्ज किया गया है। यात्रियों के बढ़ते लोड के कारण उत्तरी नाके से आवागमन रोकना पड़ा। यदि जलस्तर में कमी होती है तो नाका फिर से चालू किया जाएगा, अन्यथा 10 जून के बाद तो ऐसे ही पीपा पुल बंद कर दिया जाता है।