बलिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्र की अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अभियुक्त राजेश सिंह पुत्र चंद्रशेखर सिंह निवासी खटंगी थाना सिकंदरपुर के खिलाफ दोष साबित पाया। उसे पांच वर्ष 14 दिन के कारावास और 5000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड का भुगतान नहीं किए जाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा राजेंद्र सिंह ने थाना सिकंदरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री रेनू की शादी राजेश सिंह पुत्र चंद्रशेखर सिंह निवासी खटंगी थाना सिकंदरपुर के साथ की थी। उसकी एक पुत्री कुमारी सोनाली (18) और एक लड़का आदित्य (16) है। रेनू के पति राजेश व उसके पिता चंद्रशेखर पुत्र स्व. रामपूजन सिंह उसको काफी मारते पीटते थे। राजेश का भी व्यवहार रेनू के साथ अच्छा नहीं था। 25 सितंबर 2017 को ग्राम खटंगी से सूचना मिली कि फंदा लगाने से रेनू की मौत हो चुकी है।
विवेचना के दौरान चंद्रशेखर सिंह का नाम गलत पाते हुए अभियुक्त राजेश सिंह के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज एवं मौखिक साक्ष्यों को अदालत ने देखा। अभियोजन की तरफ से अनिल कुमार पांडेय जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाया गया।