बलिया। शहरी कचरा निस्तारण के लिए जमीन नहीं मिलने से एक साल से डंप साइट लिगेसिव वेस्ट रेडिएशन केंद्र की योजना अधर में लटकी है। जमीन न मिलने से 17 करोड़ का बजट भी फंसा हुआ है। वहीं, शहर का कचरा एक ऐसे स्थान पर फेंका जा रहा है, जिससे आसपास के कई मोहल्ले के लोगों को दिक्कत है। साथ ही जल रहे कूड़े से उठने वाले धुआं से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शासन ने एक साल पहले शहरी कचरा निस्तारण के लिए डंप साइट लिगेसिव वेस्ट रेडिएशन बनाने की मंजूरी दी थी। इसके लिए 17 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया था। शासन ने इसके लिए कार्यदाई कंपनी भारत विकास ग्रुप को नामित भी किया है। इसके बाद कंपनी शहर में केंद्र के लिए भूमि की तलाश शुरू की थी। शहरी आबादी से एक किलोमीटर की दूरी पर जमीन की तलाश तो शुरू की गई, मगर बात बन नहीं पाई। महावीर घाट मार्ग पर एक हेक्टेयर जमीन को पालिका के अधिकारियों ने देखकर केंद्र के लिए चुना। बाद में अड़चने आने पर जमीन नहीं मिल सकी। पालिका प्रशासन शहर के मुख्य मार्गों के समीप केंद्र के लिए जमीन की तलाश में जुटा में है। मगर भूमि की तलाश पूरी नहीं हो सकी है। डंप साइट लिगेसिव वेस्ट रेडिएशन केंद्र के लिए शासन से अवमुक्त हुआ 17 करोड़ रुपये की धनराशि भी फंसी है।
कचरे से उठने वाला धुआं बना मुसीबत
हर रोज शहर के 25 वार्डों से निकलने वाला कचरा वार्ड 11 में एक किराये की जमीन पर फेंका जा रहा है। नपा कर्मचारी कचरे में आग भी लगा देते हैं। इससे यहां से उठने वाला धुआं कुछ दूरी पर स्थित पूरे मोहल्ले में फैलता है। मोहल्ला वासियों के अलावा वार्ड के सभासद संजय यादव लुत्ती ने जिला अधिकारी समेत पालिका प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन इस समस्या का निराकरण नहीं हो सका।
डंप साइट लिगेसिव वेस्ट रेडिएशन केंद्र के लिए पिछले एक साल से भूमि की तलाश की जा रही है। कई स्थानों पर भूमि देखी गई, लेकिन बात नहीं बनीं। भूमि के अभाव में अब केंद्र बनाने का काम शुरु नहीं हो सका है।
सत्यानंद, डीपीएम, नगर पालिका परिषद