मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शांभवी यादव की अदालत ने सजा पर सुनवाई करते हुए फर्जी डाक्टर बन शादी करने के अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई तथा पंद्रह हजार जुर्माना लगाया। सास व ससुर को तीन वर्ष के कारावास तथा पंद्रह हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार सदर कोतवाली के जापलिनगंज निवासी वादी सुनील वर्मा की बहन सुनीता की शादी सागरपाली में 28 मई 2013 को हुई थी। कुछ ही दिनों के बाद ससुराल वाले दहेज के लिए सुनीता को प्रताड़ित करने लगे। मांग पूरी नहीं होने पर 15 दिसंबर 2014 को वादी की बहन को मारपीट कर खदेड़ दिया। जब विवाहिता मायके लौटी तो घरवालों को बताया कि पति डॉक्टर नहीं है। दहेज लेने के लिए कुछ दिनों के लिए फर्जी डॉक्टर बना था। विवाहिता के भाई सुनील ने फेफना थाने में सागरपाली गांव निवासी आरोपी पति सुनील वर्मा, शिव शंकर वर्मा (ससुर) व राधिका (सास) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। अभियोजन के ओर से आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए सीजेएम ने फैसला सुनाया।
सीजेएम ने दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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