बैरिया। गोपालनगर टाड़ी में सरयू का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जिस तरीके से तेज धारा बस्ती के आशियानों को गिराने के लिए नीचे से मिट्टी को काटते हुए आगे बढ़ रही है यह तो तय हो है कि कटान में पूरी बस्ती नदी में समाहित होने वाली है। शनिवार की भोर में टिजुली यादव का मकान सरयू नदी की मुख्यधारा में समा गया। अब तक 17 मकान नदी में समा चुके हैं।
मौजूदा समय में कटान पीड़ित किस्मत के भरोसे हैं। बाढ़ खंड की टीम भी वापस चली गई है। ऐसे में कटान पीड़ित खुद ही परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। क्षेत्रीय लेखपाल के अनुसार, अब तक छह लोगों का आशियाना सरयू नदी में समाहित हुआ है, जबकि बस्ती के बुजुर्ग आदित्यनाथ यादव ने बताया कि इस बार की कटान में सुरेश यादव, अनिल यादव, लालपति, सूर्यदेव, जगजीवन, लालजी, राजदेव, मैनेजर, सुरेन्द्र, रामाशंकर, राजाराम, विसुन, पतरु, दहाड़ी, सुरुज, शिवजी, चंद्रदीप सहित 17 लोगों का आशियाना सरयू नदी के मुख्य धारा में समाहित हो चुका है।
जिस तरह से कटान हो रहा है अभी भी श्रीभगवान, शिवजी सहित दर्जनों लोगों का आशियाना कटान के मुहाने पर है, जो कभी भी नदी में समाहित हो सकता है। बस्ती के हर घरों पर हथौड़ा बरस रहा है। जिस घर को शौक से बनाया गया अब उसी घरों को लोग तोड़ने के लिए मजबूर हैं। बस्ती के लोगों के आंखों में बेबसी व लाचारी साफ झलक रही है। यही स्थिति रही तो टाड़ी से एक किमी दक्षिण-पूरब दिशा में शिवाल मठिया में बहुत जल्द देखने को मिल सकती है। सरयू नदी का कटान शिवाल में भी काफी तेज हो गया है।
कटान पीड़ित जहां शरण लिए हुए हैं, प्रधान गोपालनगर को हैंडपंप लगाने के लिए आदेशित किया गया है। कटान पीड़ितों को पेयजल की समस्या नहीं होने दी जाएगी। जिनका भी मकान नदी में गिर गया है, राहत पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। जल्द ही कटान पीड़ितों के खाते में उचित मुआवजा चल जाएगा। उपजाऊ भूमि कटान पर भी नया शासनादेश आ गया है। उपजाऊ भूमि नदी में विलीन होने पर जांच के बाद उचित मुआवजा मिलेगा। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया