बलिया। जिले की तहसील स्तरीय छह सीएचसी के अलावा जिला अस्पताल और महिला अस्पताल को अब पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। इन सभी अस्पतालों में मरीजों को हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी। मरीज के रजिस्ट्रेशन से लेकर दवा वितरण तक सारा काम ऑनलाइन होगा। शासन से धनराशि मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों का पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के समय मरीज को अपना आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन होने के बाद उसे एक नंबर दिया जाएगा। उसी नंबर के आधार पर वह ओपीडी में जाएगा। पैथोलॉजी में भी अब काम मैनुअल नहीं होगा। रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पैथोलॉजिस्ट मरीज की जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन फीड करेगा। दवा वितरण काउंटर पर भी मरीज को रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर दवा दी जाएगी। दोबारा आने पर मरीज को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर उसे पहले मिले नंबर को बताना होगा। उसी आधार पर अगले दिन का पंजीकरण किया जाएगा। इस हिसाब से अब मरीज को पूर्व की भांति अस्पताल से पर्चा नहीं बनवाना पड़ेगा। यदि किन्हीं कारणों से मरीज अपना रजिस्ट्रेशन नंबर भूल जाता है तो उसके आधार नंबर से उसका पूरा विवरण मिल जाएगा। बैरिया तहसील के सोनबरसा, बांसडीह तहसील के रेवती, सदर तहसील के दुबहड़, बेल्थरारोड तहसील के सीयर, रसड़ा और सिकंदरपुर सीएचसी के अलावा जिला मुख्यालय स्थित पुरुष और महिला अस्पताल पर आठ-आठ कंप्यूटर सिस्टम की खरीद होनी है। शासन से आवंटित करीब 50 लाख रुपये में से सिस्टम खरीद पर करीब 40.80 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। शेष बचे रुपये सभी सीएचसी पर इंटरनेट आदि की व्यवस्था पर खर्च किए जाएंगे।
पोर्टल पर सुरक्षित रहेगा विवरण
निदेशालय की ओर से तैयार जे पोर्टल पर मरीज का पूरा विवरण ऑनलाइन करते हुए सुरक्षित रखा जाएगा। मरीज को उक्त अस्पताल के अलावा जिला अथवा अन्य शहर में इलाज कराए जाने पर पूर्व में हुए इलाज का पर्चा दिखाने की जरूरत नहीं होगी। मरीज के आधार कार्ड नंबर से उसके इलाज का पूरा विवरण पोर्टल पर मिल जाएगा।
उपकरणों से लैस होंगी चार सीएचसी
स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना तंत्र के तहत जिला मुख्यालय स्थित पुरुष और महिला अस्पताल के अलावा छह सीएचसी को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड कर दिया जाएगा। डीएचएस की बैठक में अनुमोदन मिल गया है। कंप्यूटर व अन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए कार्यवाही शुरू करा दी गई है। - डॉ. आरबी यादव, एनआरएचएम के डीपीएम