बलिया। जिले में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक की हालत बिगाड़ दी है। उल्टी-दस्त, बुखार और डायरिया के रोजाना 60 से 70 बच्चे जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वहीं धूप में निकलने पर लोगों में डिहायड्रेशन और सिर दर्द की समस्या अधिक हो रही है। इसके चलते जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। शरीर में पानी की कमी से इनके मुंह और आंख भी शुष्क हो जा रहे हैं। वहीं लोगों में त्वचा संबंधी रोगों में भी इजाफा हुआ है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि प्रतिदिन 60 से 70 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। लू लगने, दूषित पानी भोजन से उल्टी-दस्त, बुखार, खांसी, सिर में दर्द, पेट में दर्द की शिकायत हो रही है। इनमें आठ से 10 बच्चे डायरिया से पीड़ित होते हैं। बच्चों में पानी की बेहद कमी मिल रही है, इनके होठ, मुंह और आंखों में नमी ही नहीं होती। त्वचा भी शुष्क पड़ रही है। बच्चों के बीमार पड़ने पर लापरवाही न बरतें उसे तुरंत किसी डॉक्टर को दिखा कर इलाज शुरू कराएं। वहीं बड़ों में धूप में काम करने से सिर दर्द, उल्टी, दस्त व बासी भोजन और पहले से कटे-गले फलों का सेवन करने से बचें।
डिहायड्रेशन व त्वचा संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया कि बीमार हो रहे बच्चों में 70 फीसदी में उल्टी-दस्त, पेट में दर्द की समस्या मिल रही है। चिकित्सक की पूछताछ में अधिकांश मामलों में बताया गया कि बच्चे ने फास्ट फूड, दूषित पानी और बाजार में बिकने वाली पैकेट बंद सामग्री खाईं है। इससे पेट में इंफेक्शन होने से उल्टी-दस्त के शिकार हुए। लू लगने से बुखार भी आ रहा है। गर्मी और धूप में खेलने पर बच्चों को लू लगने के व मामले सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के फीजिशियन डॉ. आरके झा ने बताया कि लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही धूप में जाएं, इस दौरान गमछा अपने पास रखें, शरीर में पानी की कमी न होने दें।
अस्पताल में कराएं भर्ती
- खाने-पीने के मुकाबले उल्टी-दस्त अधिक होना।
- बुखार के साथ उल्टी और दस्त होना।
- पेशाब बंद हो जाना, होठों पर पपड़ी जमना
- आंख और मुंह की नमी सूख जाना।
- सुस्त होना, कमजोरी होना।
बचाव के लिए करें यह उपाय
- सुबह 10 बजे के बाद बच्चों को घर से बाहर न निकलने दें।
- रसदार फल जैसे तरबूज, खरबूज, अंगूर, खीरा, ककड़ी का सेवन करें।
- हाई प्रोटीन वाला भोजन लें, थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कई भागों में भोजन करें।
- नींबू पानी, शिकंजी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी का सेवन अधिक करें।
- बाजार में गन्ने का जूस पिलाने, फास्ट फूड खिलाने से बचें।
- दस्त होने पर ओआरएस का घोल लेते रहें।