बलिया। लाकडाउन के दौरान सरकार बगैर किसी शासनादेश के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रीतम कुुमार मिश्रा द्वारा वेतन बाधित करने के विरोध में संयुक्त कर्मचारी चिकित्सा स्वास्थ्य मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण महासंघ के सदस्यों ने बृहस्पतिवार की देर शाम डीएम को ज्ञापन दिया और वेतन आहरित कराने की मांग की। जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही को सौंपे ज्ञापन में संगठन के सदस्यों ने जिक्र किया है कि बीते दस अप्रैल को सीएमओ ने आदेश दिया था कि उपमुख्य चिकित्साधिकारी(प्रथम, द्वितीय, तृतीय,चतुर्थ) के आहरण-वितरण एवं स्थापना को स्थगित करते हुए पीएचसी और यीएचसी से संबद्ध करने का निर्देश दिया है। जबकि इस संबंध में कोई भी शासनादेश निर्गत नहीं किया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पीएचसी/सीएचसी की स्थिति पहले से ही काफी दयनीय है। ऐसे में डिप्टी सीएमओ कार्यालय को मर्ज करने का आदेश कर्मचारियों के शोषण करने जैसा है। आरोप लगाया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डिप्टी सीएमओ कार्यालय को बंद करने की मंशा से यह आदेश जारी किए हैं, जो कर्मचारी हित के विरुद्ध है। संगठन ने जिलाधिकारी से गुजारिश की है कि 10 अप्रैल 2020 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी आदेश को निरस्त करने और पूर्व की व्यवस्था कायम रखने की मांग की है। जिससे स्वास्थ्य कर्मियों का वेतन आहरण में बाधा उत्पन्न ना हो। ज्ञापन देने वालों में अवधेश कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, हेमंत कुमार सिंह आदि रहें।