बलिया। जनपद के 13 ब्लॉक कालाजार से प्रभावित हैं। उनमें कालाजार रोधी सिंथेटिक पायराथ्राईड का छिड़काव 10 सितंबर से किया जा रहा है। इसमें क्रमश: मुरली छपरा, बांसडीह, सोनवानी, दुबहर, वयना, मनियर, रेवती, नरही, कोटवा, सियर, चिलकहर, रतसर शामिल हैं। छिड़काव की मदद से ग्रामीण इलाके के मिट्टी के घरों में पनपने वाली सफेद मक्खी जिसे बालू मक्खी के नाम से भी जाना जाता है, को खत्म किया जा सकेगा। यह जानकारी कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. नीलोत्पल कुमार ने दी। कार्यवाहक जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि कालाजार एक जानलेवा रोग है, जो बालू मक्खी के काटने से फैलता है। अक्सर यह ग्रामीण क्षेत्रों में मकान के दरारों में पाई जाती है। इससे बचाव के लिए घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखकर एवं मच्छरदानी का प्रयोग कर रोग से बचा जा सकता है। किसी व्यक्ति को 15 दिन से अधिक बुखार आना, भूख नहीं लगना, खून की कमी, वजन घटना, त्वचा का रंग काला होना आदि कालाजार के लक्षण हो सकते हैं। इसका सबसे मुख्य लक्षण त्वचा पर धब्बा बनना है। यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण पाए जाएं तो तत्काल अपने नजदीक के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला चिकित्सालय पर नि:शुल्क जांच कराकर पूरा इलाज कराएं। यह बीमारी एक बार ठीक होने पर लापरवाही न करें, क्योंकि यह दोबारा शुरू हो सकती है।