बलिया। विश्व के महान जादूगर और नगर स्थित कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर मोहल्ला निवासी 76 वर्षीय ओपी शर्मा का निधन कानपुर में शनिवार की रात हो गया। इसके बाद पैतृक मोहल्ला हरिपुर सहित पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को शोक सभा कर जिलेवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
ओम प्रकाश शर्मा के मोहल्ला हरिपुर मिड्ढी में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्व. शर्मा के चचेरे भाई नंद किशोर शर्मा ने बताया कि उनका जन्म कोतवाली क्षेत्र के हरिपुर मोहल्ले में 1944 में हुआ था। उनके तीन पुत्र, एक बेटी हैं। बताया कि बड़े भाई स्व. देवता नंद शर्मा से उन्हें जादूगरी सीखने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कुंवर सिंह इंटर कॉलेज में करीब छह दशक पहले जादूगरी दिखाई थी। इसकी खूब प्रशंसा की गई। इसके बाद मुंबई ट्रेनिंग के लिए गए। दो वर्ष ट्रेनिंग के बाद कानपुर आए और वहां से जादूगरी की बड़े स्तर पर शुरुआत की। कानपुर में उनके आवास भूत बंगला से शव यात्रा निकाली गई। कहा कि उनके निधन से देश की क्षति हुई है। हमेशा वह पैसे के पीछे न जाकर कला को बढ़ावा देते थे। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में नंद किशोर शर्मा, विजय शर्मा, विनय कुमार शर्मा, हरेराम शर्मा, राहुल शर्मा, संजय शर्मा, मनोहर शर्मा, विंध्यवासिनी शर्मा, सुनील, विनोद, विनोद सिंह, दीप नारायण ठाकुर, श्याम प्रकाश शर्मा, कमला शंकर, राजन शर्मा, मोहित, रामप्रवेश, चंद्रशेखर, रमेश शर्मा, रामजी शर्मा, लल्लन शर्मा, सतेंद्र शर्मा, अरुण विश्वकर्मा आदि रहे।
बलिया। जादूगर के शहंशाह ओपी शर्मा ने 2015 में बांसडीह रोड में हुए सुरहा महोत्सव कार्यक्रम में अपनी जादूगरी दिखाई थी। इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक श्याम प्रकाश शर्मा और समिति की टीम ने चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया था। श्याम प्रकाश शर्मा ने बताया कि जादूगर ओपी शर्मा ने कहा था कि फिर से सुरहा महोत्सव में आएंगे। लेकिन कोरोना काल में जादूगर ओपी शर्मा भी चपेट में आ गए और ठीक भी हुए लेकिन फिर बीमार पड़े और उनका कानपुर अस्पताल में निधन हो गया।