सिकंदरपुर। राष्ट्रीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी रामाशीष राय ने कहा कि देश के किसान तीन महीने से आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार न एमएसपी पर कानून बना रही है न ही बनाए गए नए कृषि कानून को वापस कर रही है। किसानों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। अब राष्ट्रीय किसान सभा इसको जनता के बीच जन जागरण के माध्यम से बताने का कार्य करेगी। आज कारखानों से बनाए गए उत्पाद व किसानों द्वारा पैदा किए गए उत्पाद में भारी अंतर है। किसान जो फसल उगा रहा है उसकी कीमत कारखाने से निकली उत्पादों से सैकड़ों गुना कम कीमत पर खरीद की जा रही है। कर्मचारियों के वेतन में आजादी के बाद हजारों प्रतिशत की वृद्धि हुई, लेकिन किसानों के उत्पादों पर कोई भी विचार नहीं किया गया। स्वामीनाथन कमेटी बनाई गई, जिनके सुझाव को आज तक लागू नहीं किया गया। भारत की अपनी संस्कृति व सभ्यता रही है, जब तक गांव व किसान का विकास नहीं होगा, तब तक देश विकसित नहीं हो सकता है। अगर सरकार एमएसपी पर कानून संसद में इसी सत्र में पास कर देती है तो कुछ रास्ता जरूर निकलेगा। लेकिन सरकार इसको मानने के लिए तैयार नहीं है।