दुबे छपरा स्थित सिंचाई विभाग के बंधे को काटती गंगा लहरें।
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गंगा नदी का पानी पेटे में समाने लगा है। गुरुवार की दोपहर गंगा की लहरों ने दुबे छपरा में सिंचाई विभाग की ओर से बनाए गए ठोकर को काटने के साथ ही बंधे को काटना शुरू कर दिया। इससे ग्रामीणों में अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया।
दुबे छपरा अनुसूचित बस्ती के समीप दुबे छपरा गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने करोड़ों की लागत से ठोकर का निर्माण कराया था। वर्ष 2013 के बाढ़ के बाद पूर्व गीता प्रेस की ओर से बनवाए गए बंधे पर कार्य कराया था। बंधा कन्हई ब्रह्म स्थान से दक्षिण दिशा में पहले ही गंगा की भेंट चढ़ गया था। गंगा का पानी वापस लौट रहा है। गुरुवार के को एक बार फिर कटान होने लगी। देखते ही देखते आधे ठोकर को काटने के साथ ही बंधे को गंगा की लहरें निगलने लगीं। इससे गांव में में अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया। ग्रामीण अपने घरों को भी बचाने की जद्दोजहद में लग गए।
सरयू में फिर शुरू हुई बढ़ाव
बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से निरंतर गिरावट के बाद बृहस्पतिवार को अचानक बढ़ाव शुरू हो गया। नदी का पानी खतरे के निशान से एक मीटर से अधिक कम हो गया था। बृहस्पतिवार को अचानक बढ़त दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार की शाम जलस्तर 63.250 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 76 सेंटीमीटर नीचे है। दो से ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है।