मझौवां। गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से गंगा के मुहाने पर बसें लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बाढ़ पीड़ितों में खलबली मची हुई हैं। उदई छपरा के कटान पीड़ितों का कहना है कि हम लोगों के बचाव के नाम पर बाढ़ विभाग अपनी झोली भर रहा है। ठेकेदारों द्वारा नदी में जैसे-तैसे जियो ट्यूब द्वारा कार्य करके छोड़ दिया गया हैं, जो आज गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने से दिखाई भी नहीं दे रहा हैं।
कटान पीड़ित दीनानाथ तिवारी व उदय सिंह ने आरोप लगाया है कि बाढ़ विभाग द्वारा जानबूझकर हम लोगों के बचाव के नाम पर कार्य में लीपापोती की जा रही है। गोपालपुर व हुकुम छपरा में जमकर बाढ़ विभाग और उनके चहेते ठेकेदारों द्वारा कटानरोधी कार्य में धड़ल्ले से मानक की धज्जियां उड़ाई गई हैं। गंगा अपना दिन प्रतिदिन उग्ररूप धारण करना शुरू कर दी है, लेकिन बाढ़ विभाग अपने करतूतों से बाज नहीं आ रहा है। अगर नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो 25 हजार की आबादी के लिए घातक साबित हो सकती है। शासन प्रशासन चाह करकें भी कुछ नहीं कर पाएगा।आगे फ्लड फाइटिंग के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट की जाएगी। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज के अनुसार सोमवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 50.970 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ ही एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ाव का क्रम जारी है।
25 दिन से पांच प्रोजेक्ट पर काम ठप
मझौवां। अपना सब कुछ गवा चुके कटान पीड़ितों का कहना है कि शासन स्तर से जो भी धन बचाव कार्य करने के लिए मिले हैं, उसके मानक में कोताही बरती गई हैं। यहीं कारण हैं कि पिछले वर्ष की आई बाढ़ में चौबे छपरा के सामने बनें स्पर संख्या 27.500 का 60 प्रतिशत नोज गंगा की लहरों में समा गया। स्पर से पूरब बने 460 मीटर लम्बा रिवेटमेंट कार्य कार्य का 85 प्रतिशत हिस्सा गंगा की लहरों में कट गया। इस वर्ष शासन स्तर से लगभग 9 करोड़ 34 लाख की लागत से पांच परियोजनाओं पर स्वीकृति हुई थीं। इसमें तीन प्रोजेक्ट पर बाढ़ विभाग के अधिकारियों व उनके ठेकेदारों द्वारा पूरा करने का दमखम भरा जा रहा हैं, लेकिन धरातल पर 60 प्रतिशत कार्य अपना अंतिम रूप नहीं ले सका है। इसमें ग्रामीणों ने कई बार कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है । ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 25 दिनों से पांचों प्रोजेक्टों पर कटानरोधी कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है।
गंगा के जलस्तर में बढोत्तरी होने के साथ ही बारिश भी हो रही है। इसलिए बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बारिश की वजह से बोल्डर सही तरीके से निचले सतह पर नहीं बैठ पा रहा है। तीन परियोजनाओं पर कार्य पूरा कर दिया गया है । शेष बचे कार्य को बहुत जल्द पूरा कर दिया जाएगा। - संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड, बलिया