रामगढ़। गंगा की उफनाती लहरें मंगलवार की शाम लाल निशान को पार कर गई। गंगा के पानी में बढ़ाव को देखते हुए गंगा के मुहाने पर बसे लोगों में खलबली मच गई है। उनका मानना है कि अब गंगा का पानी कभी भी गांव में प्रवेश कर सकता है। इसे लेकर लोगों में भय व दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड जो भी कटानरोधी कार्य कराया है, उसमें जमकर मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं।
गंगा की लहरें रविवार को वार्निंग लेवल को पार कर गई थी। उसके बाद तेजी से लाल निशान की ओर बढ़ रही थी। मंगलवार शाम को खतरे के निशान 57.615 को भी पारकर गई। गंगा के जलस्तर में प्रति घंटा 3 सेंटीमीटर का वृद्धि बनी हुई है। गंगा की लहरें अब मीडियम फ्लड लेवल 58.615 की ओर अग्रसर हो गई है। लगातार गंगा की बैकरोलिंग धारा का दबाव पचरुखिया से लेकर दुबे छपरा तक बने ठोकरों पर बढ़ता जा रहा है।
गंगा के मुहाने पर बसे गोपालपुर, उदय छपरा, दुबे छपरा, सुघर छपरा के लोगों का कहना है कि अब तक जो भी बाढ़ व कटान से बचाव के नाम पर कार्य कराया गया है, उसमें जमकर मानकों की धज्जियां उड़ाई गई हैं। लाख शिकायत के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने बाढ़ विभाग द्वारा कराए गए कार्यों की जांच टेक्निकल एक्सपर्ट से नहीं कराई। ठेकेदार अपनी मनमानी करता रहा। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार के शाम 4:00 बजे 57.640 मीटर पर पहुंच गया था।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए हर डेंजर पॉइंट पर बारीकी से ध्यान दिया जा रहा है। अभी कहीं पर कोई खतरा नहीं है। बाढ़ विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी में जुटा हुआ है। - संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन