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Ballia News: लाल निशान को पार कर स्थित हुआ गंगा का जलस्तर

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गंगा नदी लाल निशान पार कर 57.940 मीटर पर पहुंचकर बुधवार को स्थिर हो गया। गंगा के बैक रोलिंग धारा व लगातार सुबह से हो रही बारिश के कारण ठोकर पर दबाव बढ़ता ही चला जा रहा है।
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लगातार सुबह से हो रही बारिश के चलते गंगा के मुहाने पर बसे गांव के सभी संपर्क मार्ग कीचड़ से भर गए हैं। पीड़ितों का कहना है कि अगर इस स्थिति में गंगा नदी कटान करती है तो हमें अपने सामानों को सुरक्षित और पहुंचाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मंगलवार की शाम को जैसे ही गंगा नदी ने खतरे के निशान को पार किया तो गंगा के मुहाने पर बसे गांव के लोगों में खलबली मच गई थी। दीना तिवारी, गुप्तेश्वर दुबे ,पारस गुप्ता ने बताया कि जब पानी 58.00 मीटर से ऊपर हो जाता है तो गंगा का पानी गांव में प्रवेश कर जाता है। लोगों को अपने माल मवेशियों और मासूमों के साथ एनएच 31 को अपना आशियाना बनाना पड़ता है।
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केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर बुधवार की दोपहर गंगा नदी का जलस्तर 97.940 पर पहुंच कर स्थिर हो गया। जिलाधिकारी के सख्त निर्देश के बाद बाढ़ विभाग के अधिकारी भी अलर्ट मोड़ पर दिखे।

चांद दीयर चौराहे पर पहुंचने लगा पानी
जयप्रकाशनगर। गंगा व सरयू नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से नदी का पानी बुधवार शाम एन-एच 31 स्थित चांददीयर चौराहे के समीप पहुंचने लगा। बाढ़ का दंश झेलने को लेकर लोग भयभीत हो चले हैं। पशुपालकों के लिए और भी बड़ी समस्या होती है। गंगा नदी रामपुर कोडरहा, भवन टोला, टीपुरी, सरयू नदी चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा, चांददीयर आदि गांवों के चारो तरफ गढ्ढों व नालों में बाढ़ का पानी प्रवेश करना शुरू कर दिया है।

खेतों में भरने लगा पानी
दुबहर। गंगा नदी के बढ़ रहे जलस्तर के कारण किसानों के माथे पर सिकन के बादल मंडराने लगे हैं। महाबीर घाट, शिवरामपुर, संवरूबांध, बंधुचक, नगवा, जनाड़ी, अड़रा, पाण्डेय पुर, धरनीपुर, दुबहर, भरसर, बसरिकापुर, ओझवलिया से हल्दी क्षेत्र तक फैले चंदन तालाब में अचानक पानी के तेज बहाव के कारण हजारों एकड़ फसलें जलमग्न होने के कगार पर है। जल स्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही पूरा दियारा क्षेत्र जलमग्न हो जाएगा। इससे हजारों एकड़ में बोई गई मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, पशुओं का चारा, सब्जियों के नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

खतरा बिंदु से एक सेमी ऊपर पहुंची सरयू, बढ़ी धुकधुकी
पंदह/नवानगर/। गंगा के साथ साथ सरयू ने भी तेवर तल्ख कर लिए हैं। नदी की उफनती लहरें लाल निशान को पार कर एक सेमी ऊपर पहुंच गई है। नदी के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के बीच 47 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है। बुधवार सुबह लाल निशान से 13 सेमी नीचे प्रवाहित हो रही सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ते हुए शाम को खतरा बिंदु को पार कर गया। उधर नदी का रुख देख तटवर्ती लोगों की सांसें अटक गई हैं। डुहा बिहरा-कठौडा रिंग बंधे पर दबाव एक बार फिर बढ़ गया है। डीएसपी हेड पर मंगलवार शाम को जलस्तर 63.55 मीटर दर्ज किया गया था जबकि बुधवार को जलस्तर 64.02 मीटर दर्ज किया गया।
खतरा बिंदु 64.01 मीटर है। उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर रवि कुमार ने बुधवार को सरयू के तटवर्ती गांवों का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ चौकिया पर तैनात कर्मचारियों को 24 घंटे उपस्थित रहने का निर्देश दिया। साथ ही क्षेत्र के कथौड़ा, डुहा बिहारा, खरीद, सिसोटार, निपानिया, पुरुषोत्तमपट्टी गांव के करीब पहुंचे बाढ़ के पानी को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश भी दिए। हाहानाला, चैनपुर गुलौरा, मठिया, टगुनिया क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैल गया है।
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