रामगढ़/मझौंवा। गंगा के जलस्तर में गिरावट का क्रम जारी है। इसके चलते गंगा किनारे पर बसे गांव के लोगों साथ ही बाढ़ विभाग ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन मुश्किलें अभी भी बरकरार है। गंगा का पानी जिन गांव की बस्तियों में प्रवेश कर गया था, निकलना शुरू हो गया है। बस्तियों में संक्रामक बीमारी फैलने का भय वन गया है। नदी की बैक रोलिंग धारा का दबाव रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक बने ठोकरों पर बना हुआ है।
गंगा के जलस्तर में करीब एक सप्ताह से लगातार वृद्धि हो रही थी। गंगा का जलस्तर मीडियम फ्लड लेवल के करीब पहुंच गया था। इससे दक्षिण दिशा में गंगा के किनारे बसे लोगों में बाढ़ कटान का डर पैदा हो गया था। गंगा का जलस्तर सोमवार की सुबह 8:00 बजे 58.530 मीटर पर पहुंच कर स्थिर हो गया था। शाम होते ही गंगा के जलस्तर में गिरावट भी शुरू हो गई। उदई छपरा अनुसूचित बस्ती में बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से लोगों ने गांव से निकलकर अपना सामान लेकर एनएच-31 के किनारे सुघर छपरा से प्रसाद छपरा ढाला के बीच हाईवे के दोनों किनारों पर झोपड़ी लगा ली है। फसलें डूबने के बाद अब हरे चारे का अभाव होने लगा है।
सुघर छपरा गांवों में जाने वाली सड़कों पर नदी के बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन बाधित है। एनएच-31 के दक्षिणी किनारे लगभग 200 हेक्टेयर भाग अभी भी बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। ऊंचे वाले हिस्से खेत फिलहाल बचे हैं। रामगढ़ से लेकर नौरंगा तक आरारों के गिरने का सिलसिला अभी जारी है। गंगा नदी के उस पार नौरंगा, भगवानपुर मौजे में कृषि योग्य जमीन को तेजी से निगल रही है। मंगलवार को करीब तीन एकड़ जमीन गंगा की लहरों में समाहित हो गई। गंगा ने धीरे-धीरे बस्ती की ओर रुख कर दिया है।
नौरंगा निवासी राजमंगल ठाकुर, अक्षय चौबे, मनोज कुमार मिश्र, दशरथ ठाकुर आदि का कहना कि आज तक किसी बड़े जिम्मेदार अधिकारी और मंत्री ने हम पीडि़तों की सुधि नहीं ली। ग्रामसभा गोपालपुर के अनुसूचित बस्ती के लोगों का कहना है कि विषैले जीव जंतुओं के साथ ही संक्रामक बीमारी फैलने का भी डर बना हुआ है। गांव के संतोष राम, सुनील उपाध्याय, सुनील कुमार, भुनेश्वर तिवारी ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए गांव में छिड़काव कराने की मांग की है।
अस्तित्व बचाने के लिए जूझ रहा अवध पुस्तकालय
नरहीं। ब्लाक सोहांव का शाहपुर बभनौली में स्थापित अवध पुस्तकालय अपने अस्तित्व बचाने के लिए गंगा के कटान से जूझ रहा है। कटान का रुख अब इच्छा चौबे का पूरा गांव की तरफ हो गया है। गंगा कटान करती हुई गांव के करीब पहुंच गई है। पिछले तीन दिनों से उत्तरी शाहपुर में गंगा कटान जारी है। इसमें गुलचाली चौधरी, रामसिंह, कुबेर चौधरी, विजेंद्र, राधाकिशुन, बुधराम आदि की जमीन गंगा में विलीन हो रही है।