रामगढ़। गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर बाढ़ के स्तर की ओर बढ़ चुका है। मझौंवा से लेकर गोपालपुर तक करीब 35000 की आबादी बाढ़ से प्रभावित होती दिख रही है। बैरिया और सदर तहसील के एसडीएम ने रामगढ़ व दुबे छपरा में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। गंगा का जलस्तर प्रति घंटा 2 सेमी बढ़ रहा है। खतरा बिंदु पारकर 59.20 मीटर पर पहंुच गई है।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर सोमवार शाम चार 59.20 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा दो सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ था। गायघाट में खतरा बिंदु 57.615 मीटर और मीडियम फ्लड 58.615 मीटर को पार कर हाई फ्लड लेबल की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। यहां 2016 में सर्वाधिक जलस्तर 60.390 मीटर रिकार्ड किया गया था। 2021 में नदी 60.250 मीटर तक पहुंची थी। गंगा का जलस्तर हाई फ्लड लेवल के करीब पहुंचने के कारण छह से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गए हैं।
बादिलपुर, जग छपरा, शुक्ल छपरा, धरमपुर मझौवा, सोनार टोला, रामगढ़, बनिया टोला, सुघर छपरा, दुबे छपरा, गोपालपुर, उदयी छपरा, प्रसाद छपरा के साथ ही बाढ़ का पानी टेगरही रिंग बंधे के करीब पहुंच चुका है। गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों ने सामान और मवेशियों को लेकर एनएच- 31 की ओर रुख कर लिया है। दूबे छपरा में गंगा नदी के पलटप्रवाह से कटान तेज है। एसडीएम सदर अत्रेय मिश्रा व बैरिया सुनील कुमार ने मझौंवा, पचरुखिया, रामगढ़ व गोपालपुर में पहुंचकर बाढ़ के पानी से घिरे गांवों का जायजा लिया। पशुपालन विभाग के साथ ही चिकित्सा विभाग को बाढ़ शिविर तत्काल स्थापित करने के लिए कहा।
विद्यालयों में घुसा बाढ़ का पानी : गंगा का पानी बढ़ने के कारण प्राथमिक विद्यालय सुघर छपरा, केहरपुर, शाहपुर गंगौली, गोपालपुर, मझौंवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय सुघर छपरा, पीएन इंटर कॉलेज दुबे छपरा, यशोदा देवी बालिका इंटर कॉलेज दुबे छपरा, अमरनाथ मिश्रा पीजी कॉलेज दुबे छपरा में बाढ़ का पानी घुस गया है।
35 हजार की आबादी और 500 हेक्टेयर फसल प्रभावित : ग्रामीण इलाकों में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से 35 हजार की आबादी तथा 500 हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसल प्रभावित है। गोपालपुर, दुबे छपरा, उदयी छपरा, आलम राय के टोला, बड़का व छोटका बुधनचक, मठिया, मुरली छपरा, जगदेवा, पाण्डेयपुर, मिश्र गिरी के मठिया, चिंतामणि राय के टोला, गुदरी राय के टोला, वंश गोपाल छपरा आदि की लगभग 35 की हजार की आबादी प्रभावित है। कई गांवों की एक हजार एकड़ खड़ी फसल जलमग्न हो गई है।
बाढ़ खंड ने बंद कराया एनएच के किनारे खोदाई का काम : दया छपरा। हर घर नल योजना के ठेकेदार एनएच-31 के पास गंजहवा बाबा के समीप गड्ढा खोदकर पाइप बिछा रहे हैं। बाढ़ के कारण सोमवार सुबह बाढ़ विभाग के जेई जावेद अहमद, रोशन गुप्ता, अमरनाथ वर्मा व एसई एसके प्रियदर्शी ने पाइप बिछाने से रोक दिया।
टोंस नदी भी उफान पर, चितबड़ागांव-नगवां गाई मार्ग पर भरा पानी : चितबड़ागांव। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही टोंस नदी में भी उफान आ गया है। चितबड़ागांव नगर पंचायत के शास्त्री नगर, गांधी नगर, चित्रेश्वर नगर, जवाहर नगर, राजेन्द्र नगर के निचले हिस्से पानी लगना शुरू हो गया है। ग्राम पंचायत मानपुर (भीसापुर) में मकानों में टोंस नदी का पानी घरों में घुस गया है। इसके चलते लोग अपना आशियाना छोड़ दूसरों के यहां शरण लिए हुए है। पशुओं के लिए चारा सहित अन्य समस्या हो रही है।
चितबड़ागांव-नगवां गाई मार्ग पर पानी आ गया है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। इस मार्ग पर पानी आने से अख्तियारपुर, टिकरी, बीबीपुर, बढवलिया सहित दर्जनों गांवों का आवागमन बंद हो गया है। स्कूली बच्चों, किसान, मजदूरों सहित हजारों लोगों के आवागमन में काफ़ी दिक्कतों को का सामना करना पड़ा रहा है। किसानों ने बताया कि यदि इसी तरह नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो तरहार इलाके में बोई गई ज्वार, बाजारा सहित अन्य फसलों को काफी नुकसान पहुंचेगा। चितबड़ागांव नगर निवासी किसान कविनन्द्र तिवारी ने बताया कि चितबड़ागांव-नगवा गाई मार्ग पर पर टोंस नदी का पानी भर गया है।