रामगढ़/दयाछपरा। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को मीडियम फ्लड लेवल को भी पार कर गया। मुहाने पर बसे गांव के लोग बोझिल मन से अपना सामान समेटने में लगे हैं। पीडि़तों में अपने अस्तित्व को लेकर हाय तौबा मची हुई है। गंगा का पानी घुसने से आधा दर्जन गांव टापू बन गए हैं। बाढ़ की वजह से 25000 से ज्यादा की आबादी प्रभावित हो गई है।
जिस रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो एक दर्जन गांव 24 घंटे के अंदर टापू में तब्दील हो जाएंगे। बाढ़ चौकियां कागजों में स्थापित हो गई हैं। मौके पर कर्मचारी नदारद हैं। पानी से घिरे गांव में अभी समुचित नाव की व्यवस्था नहीं हो पाई है। गंगा का पानी सुघर छपरा, सुनार टोला, रामगढ़, बनिया टोला, दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा गांव में प्रवेश कर गया है। लोग किसी तरह से अपने सामान को लेकर सुरक्षित स्थान पर जाने में जुटे हुए हैं। शासन की तरफ से पीडि़तों की मदद के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है। पीडि़त अपने खर्चे से अपने सामान को रिश्तेदारों के घर के अलावा एनएच-31 के दुबे छपरा ढाले पर आकर शरण लेना शुरू कर दिए हैं। गंगा का पानी देर शाम तक तेलिया नाले को भरने के साथ ही प्रसाद छपरा, बुधन चक, मिश्रगिरी के मठिया, पांडेयपुर, मुरली छपरा, वंश गोपाल छपरा, मिस्र के हाता होते हुए टेंगरही बंधे के पास पहुंचने की प्रबल संभावना है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शुक्रवार शाम 58.970 मीटर दर्ज दिया गया। प्रति घंटा तीन सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर है। उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र, क्षेत्राधिकारी बैरिया अशोक मिश्र, एसएचओ धर्मवीर सिंह, कानूनगो महेन्द्र, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह बाढ़ क्षेत्र में आने वाली हर परेशानियों से निपटने की तैयारी में लग गए हैं। उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम आ गई है। राशन का पैकेट भी मंगा लिया गया है। जरूरत पड़ने पर तुरंत व्यवस्था कर दी जाएगी। अभी कोई गांव घिरा नहीं है। 24 घंटे में सारे गांव बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे।
30 एकड़ भूमि गंगा में समाई
रामगढ़। गंगा की लहरों उस पार नौरंगा में तबाही मचानी शुरू कर दी है। गुरुवार की देर शाम नौरंगा व भगवानपुर मौजे देखते देखते करीब 30 एकड़ जमीन गंगा की लहरों में समाहित हो गई। भोला ठाकुर, ऋषिकेश ठाकुर, विशाल ठाकुर, लक्ष्मण ठाकुर, रामनिवास ठाकुर, हरीनिवास ठाकुर, गौरीशंकर ठाकुर, विश्वनाथ ठाकुर, तेज नारायण ठाकुर, संतोष ठाकुर की कृषि योग्य जमीन निकल गई। भोला ठाकुर के तीन ट्यूबवेल गंगा की लहरों में समाहित हो गए।गंगा बस्ती की ओर कूच कर रही है। इससे पीडि़तों में खलबली मची हुई है।
नगर के महावीर घाट रोड स्थित गायत्री शक्तिपीठ में जाने वाली सड़क को पार करता गंगा नदी के बाढ़ का पा?- फोटो : BALLIA