गर्भवती महिलाओं को निजी जांच केंद्रों पर नि:शुल्क अल्ट्रासांउड जांच की सुविधा मिलेगी। सरकार ने महिलाओं को ये बड़ी सौगात दी है। जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे अल्ट्रासाउंड मशीन खराब या रेडियोलाजिस्ट के अभाव में जांच सुविधाएं न होने पर महिला को निजी जांच केंद्रों पर मनमाने दर पर जांच कराना पड़ता था। लेकिन अब यह सुविधा मुफ्त मिलेगी। जिले में करीब 21 सीएचसी और 19 स्वास्थ्य केंद्र है। ये सुविधा अभी रेफरल यूनिट रसड़ा, सिकन्दरपुर, सीयर, सोनबरसा पर लागू होगी। अधिकतर केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड मशीनें खराब हैं या रेडियोलॉजिस्ट का अभाव है। प्रयोग सफल रहने के बाद इसे अन्य स्वास्थ्य केंद्राें पर लागू किया जाएगा।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह के नौ व 24 तारीख को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य कैंप लगता है। इसमें सभी प्रकार की जांच व दवा निशुल्क दी जाती है। अब अल्ट्रासाउंड जांच भी मुफ्त होगा। कैंप में स्वास्थ्य की जांच करवाने आने वाली गर्भवती महिला को चिकित्सक जांच के बाद जरूरत हुई तो अल्ट्रासाउंड जांच लिखेंगे। महिलाओं को ई-वाउचर देंगे। गर्भवती महिलाएं उसे लेकर विभाग द्वारा चयनियत अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र जाकर निशुल्क जांच करवाएंगी। विभाग एक जांच के बदले जांच केंद्र को 255 रुपये का भुगतान करेगा। इसके लिए आसपास मौजूद निजी डायग्नोसिस सेंटरों को सीएचसी से संबद्ध करने की प्रकिया चल रही है। उसके बाद जल्द ही योजना का लाभ मिलने लगेगा।
आशा कार्यकर्ता के यहां पंजीकरण कराने पर ही मिलेगा लाभ
गर्भवती महिलाओं को निजी जांच केंद्रों पर मुफ्त जांच सुविधा के लाभ के लिए आशा कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। सुविधा का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को आशा कार्यकर्ता के यहां ऑनलाइन पंजीकरण करवाना पड़ेगा। यही पंजीकरण नंबर अल्ट्रासाउंड जांच में काम आएगा।
चार हजार तक की होगी बचत
निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर एक बार के अल्ट्रासाउंड पर सात से 1000 रुपये खर्च होते हैं। चार से पांच जांच पर चार हजार रुपये तक खर्च होते हैं। निशुल्क जांच सुविधा से जरूरतमंद महिलाओं को काफी सहूलियत मिलेगी। जांच के पैसों से पौष्टिक आहर का सेवन कर सकती हैं।
शासन द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व कैंप में जांच करवाने वाली गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड की जांच निशुल्क होगी। विभाग अल्ट्रासाउंड को पैसा का भुगतान करेगा। चिकित्सक महिला की जांच के बाद उसे ई-वाउचर देंगे जिसे ले जाकर जांच करवाएंगी। - डॉ. जयंत कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया।