बैरिया। उत्तरी दीयरांचल अंतर्गत शिवाल मठिया में रविवार की भोर में चार लोगों के मकान नदी में समा गए। कुछ दिनों तक नदी का जलस्तर बढ़ोतरी पर था, जिससे कटान रुक गया था। लेकिन जलस्तर घटने के साथ ही कटान तेज हो गया।
रविवार की भोर में अचानक सरयू नदी की लहरों में तेज आवाज के साथ हलचल शुरू हुई। नदी के मुहाने पर जिनका मकान है वे अपना मकान खाली कर भागने लगे। तब तक रामबाबू चौधरी का मकान नदी में गिर गया। मल्लाह बस्ती में भगदड़ मच गई। मुश्किल से 40 मिनट का समय बीता था कि कमलावती देवी पत्नी वशिष्ठ चौधरी का मकान भी नदी में समाहित हो गया। ग्रामीण अपने जरूरत के सामानों को छोड़कर भागने लगे।
चहुंओर महिलाएं-बच्चे रोने-बिलखने लगे। इतने ही देर में बब्बन चौधरी व राधेश्याम चौधरी सहित कुल चार लोगों के मकान नदी की तेज लहरों में विलीन हो गए। 10 दिन पूर्व शिवाल मठिया के ही पारस चौधरी, हरेंद्र चौधरी व रविंद्र चौधरी का मकान नदी में समाहित हो चुका है। लेखपाल मनोज यादव के अनुसार जिन चार लोगों का मकान रविवार को नदी में विलीन हुआ है उनके मकान का आधा हिस्सा पहले ही नदी में समाहित हो चुका है। शिवाल मठिया में कटान की घटना को देखकर गोपालनगर टाड़ी के लोग भी काफी डरे-सहमे हुए हैं।