बलिया/रामगढ़/लालगंज। भाई की लंबी आयु के लिए पीड़िया व्रत रखी बहनों ने शुक्रवार को मंगल गीतों के साथ श्रीरामपुर, महावीर गंगा घाट, रामगढ़ और लालगंज में पीड़िया का विसर्जन किया।
इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शहर के श्रीरामपुर घाट पर शहर कोतवाल प्रवीण कुमार सिंह, बिचलाघाट चौकी इंचार्ज अमरजीत यादव सुबह से ही अपने दलबल के साथ डटे रहे। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शहर में भी जाम की स्थिति बनी रही।
ग्रामीण क्षेत्र में सुबह तीन बजे से ही बहनों का मंगल गीतों के साथ साधनों से गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। रामगढ़ क्षेत्र के गंगापुर, हुकुमछपरा, पचरुखिया, गोपालपुर, केहरपुर, नौरंगा आदि घाटो पर बहनें पैदल टोलियों से लगायत वाहनों से पहुंचने लगी। माथे पर गुब्बारे, फूल, मोमबत्ती, अगरबत्ती से सजी खंइची (बांस की टोकरी) में पीड़िया लेकर पहुंची बहनों से घाट पर सुबह चार बजे ही तिल रखने की जगह नही बची थी। यह कार्यक्रम सुबह नौ बजे तक चला। इस दौरान नदी में विसर्जित पीड़िया की टोकरी लूटने की होड़ भी देखी गई। केवल हुकुम छपरा काली मंदिर गंगा घाट पर ही 50 हजार व्रती बहनों की भीड़ देखी गई। सुरक्षा की दृष्टि से हुकुम छपरा घाट पर कमर भर पानी में बांस बल्ली के सहारे बैरिकेडिंग की गई थी।
जनसैलाब से रामगढ़ से पचरूखिया के बीच घंटों जाम की स्थिति बनी रही। पीड़िया विसर्जन के बाद व्रतियों ने जलेबी और छोले का भी लुफ्त उठाया। इस दौरान दुकानदारों की भी जमकर आमदनी रही। रामगढ़ से लेकर पचरुखिया तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। स्थानीय पुलिस ने इसकी सूचना हल्दी थाने को दी। करीब 12 बजे के आसपास जाम से मुक्ति मिल पाई है। सती घाट और शिवपुर घाट पर विसर्जन किया गया।